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बांकीपुर उपचुनाव: प्रशांत किशोर पर करोड़ों खर्च, AI-बॉट्स से प्रचार का आरोप, EC में BJP

Bihar Bankipur By-election: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भाजपा ने चुनावी खर्च की सीमा से अधिक पैसे खर्च करने और शेल कंपनियों व फर्जी बॉट्स के जरिए प्रचार करने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने चुनाव आयोग से जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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Bihar Bankipur By-election: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। पार्टी ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा नेताओं ने आयोग को एक ज्ञापन सौंपकर दावा किया कि प्रशांत किशोर चुनावी खर्च की सीमा का उल्लंघन कर रहे हैं। पार्टी ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए शेल कंपनियों और सोशल मीडिया पर करोड़ों रुपये खर्च करने का आरोप लगाया है।

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भाजपा ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की गहन जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस मुद्दे पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे, जिन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज सौंपने का दावा किया।

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प्रशांत किशोर पर BJP का बड़ा हमला: क्या चुनाव आयोग करेगा करोड़ों के खर्च की जांच?

Bihar Politics: बिहार में चुनावी सरगर्मियों के बीच राजनीतिक गलियारों में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक प्रतिनिधिमंडल ने पटना में भारत निर्वाचन आयोग से जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। भाजपा ने आरोप लगाया है कि प्रशांत किशोर चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया नेटवर्क का दुरुपयोग कर रहे हैं और प्रचार पर निर्धारित सीमा से अधिक खर्च कर रहे हैं।

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पार्टी नेताओं ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। शिकायत दर्ज कराने के बाद भाजपा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपने आरोपों को सार्वजनिक किया। भाजपा की ओर से चुनाव आयोग पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में चुनावी आचार संहिता, प्रचार खर्च और डिजिटल अभियान से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शिकायत में शामिल किया गया है।

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भाजपा के गंभीर आरोप क्या हैं?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन, प्रदेश प्रवक्ता मिथिलेश तिवारी और विधायक जीवेश मिश्रा मौजूद रहे। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर से जुड़े सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से एक कृत्रिम राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में सोशल मीडिया अकाउंट एक समन्वित तरीके से काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य मतदाताओं को प्रभावित करना है।

भाजपा नेताओं ने कहा, “प्रशांत किशोर के सोशल मीडिया अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। डिजिटल कंटेंट तैयार करने और उसे प्रसारित करने के लिए भारी रकम का इस्तेमाल हो रहा है।”

सोशल मीडिया पर करोड़ों का खर्च और वीडियो निर्माताओं को भुगतान

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डिजिटल सामग्री बनाने और उसे प्रसारित करने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी बताया गया कि कुछ वीडियो बनाने वालों को प्रति वीडियो 20 हजार से 30 हजार रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई स्वतंत्र दस्तावेज या आधिकारिक जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार पर किया जा रहा यह खर्च निर्धारित कानूनी सीमा से अधिक हो सकता है। भाजपा नेताओं का मानना है कि यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह चुनावी नियमों का गंभीर उल्लंघन होगा और जांच का विषय बनता है। इसी आधार पर उन्होंने निर्वाचन आयोग से पूरे वित्तीय और डिजिटल प्रचार अभियान की विस्तृत पड़ताल कराने की मांग की है।

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चुनाव आयोग से क्या मांग?

भाजपा का कहना है कि लोकतांत्रिक चुनाव में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए समान नियम लागू होते हैं। ऐसे में यदि किसी पक्ष द्वारा चुनावी खर्च, डिजिटल प्रचार या सोशल मीडिया अभियान को लेकर नियमों का उल्लंघन किया गया है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने आयोग से आग्रह किया कि शिकायत में उठाए गए प्रत्येक बिंदु की तकनीकी और वित्तीय स्तर पर गहन जांच कराई जाए।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बिहार में चुनावी गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। राजनीतिक दल जमीनी अभियानों के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने में लगे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया प्रचार और चुनावी खर्च जैसे मुद्दे भी राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग की कार्रवाई इस मामले में आगे की दिशा तय करेगी।

करोड़ों का खर्च और फर्जी बॉट्स से प्रचार का आरोप

भाजपा का कहना है कि विधानसभा चुनाव में एक उम्मीदवार के लिए अधिकतम चुनावी खर्च 40 लाख रुपये तय है। इसके बावजूद, बांकीपुर उपचुनाव में कथित तौर पर करोड़ों रुपये सोशल मीडिया प्रचार पर खर्च किए जा रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि यह खर्च सीधे उम्मीदवार के खाते से नहीं किया जा रहा, बल्कि शेल और प्रॉक्सी कंपनियों के माध्यम से हो रहा है। इसका मकसद चुनाव आयोग की निगरानी से बचना है।

अपने ज्ञापन में, भाजपा ने Simple Sense Analytics Private Limited और News LightHouse LLP जैसी कंपनियों का नाम लिया है। पार्टी का दावा है कि इन्हीं कंपनियों के जरिए सोशल मीडिया अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा ने इन कंपनियों के पतों और संबंधित दस्तावेजों पर भी सवाल उठाए हैं, जिन्हें संदिग्ध बताया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “भाजपा बांकीपुर से जीत रही है। उसका मुकाबला जन सुराज से नहीं है। जन सुराज और राजद में नंबर 2 और 3 की लड़ाई है।”

ED जांच और विदेशी अकाउंट्स की मांग

भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इन कथित शेल कंपनियों के बैंक खातों, फंड के स्रोतों और सभी लेन-देन की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य संबंधित एजेंसियों से कराई जाए। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भुगतान किया जा रहा है और बड़ी संख्या में फर्जी बॉट अकाउंट्स के जरिए कृत्रिम जनसमर्थन दिखाने की कोशिश हो रही है।

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इसके अलावा, भाजपा ने दावा किया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट विदेश से संचालित हो रहे हैं, जिसका उपयोग चुनाव को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस संवेदनशील पहलू की भी जांच कराने की अपील की है।

भाजपा ने चुनाव आयोग से क्या-क्या मांगें कीं?

भाजपा ने अपने ज्ञापन में चुनाव आयोग से निम्नलिखित प्रमुख मांगों को रखा है:

  • चुनावी खर्च की सीमा से अधिक पैसे खर्च करने के मामले की जांच।
  • कथित शेल और प्रॉक्सी कंपनियों की भूमिका की गहन पड़ताल।
  • सोशल मीडिया पर फर्जी बॉट और एआई आधारित प्रचार की जांच।
  • इन्फ्लुएंसर्स को किए गए कथित भुगतान की जांच।
  • ज़रूरत पड़ने पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) से वित्तीय अनियमितताओं की जांच।

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि पार्टी ने चुनाव आयोग को कई दस्तावेज सौंपे हैं और जल्द ही कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े अन्य दस्तावेज भी सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांकीपुर में भाजपा पहले भी मजबूत थी और आगे भी रहेगी। उन्होंने प्रशांत किशोर पर पिछले चुनाव में भी सोशल मीडिया के जरिए माहौल बनाने, लेकिन जमीनी स्तर पर समर्थन न मिलने का आरोप लगाया।

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