Bihar Sakshamta Result: बिहार में स्थानीय निकाय के शिक्षकों की योग्यता परखने के लिए आयोजित की गई पांचवीं और अंतिम सक्षमता परीक्षा-2026 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। मंगलवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इस बहुप्रतीक्षित **बिहार सक्षमता परीक्षा** के नतीजे जारी किए, जिसके बाद सफल और असफल अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर चर्चा तेज हो गई है।







बोर्ड अध्यक्ष एस. एम. त्यागराजन द्वारा घोषित इन परिणामों के अनुसार, 5 से 8 जून 2026 के बीच आयोजित इस परीक्षा में कुल 14,512 शिक्षक शामिल हुए थे। इनमें से केवल 4,353 अभ्यर्थी ही सफल घोषित किए गए, जिससे कुल सफलता दर लगभग 30 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि तीन में से केवल एक शिक्षक ही इस महत्वपूर्ण परीक्षा को उत्तीर्ण कर पाया।
जारी किए गए परिणामों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि परीक्षा में शामिल 14,512 शिक्षकों में 6,559 पुरुष और 7,953 महिला अभ्यर्थी थे। इनमें 1,870 पुरुष शिक्षक सफल हुए, जबकि 2,483 महिला शिक्षकों ने सफलता प्राप्त की। इस प्रकार, महिला अभ्यर्थियों की सफलता संख्या पुरुषों की तुलना में अधिक दर्ज की गई है।

सक्षमता परीक्षा का पैटर्न और उद्देश्य
यह सक्षमता परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की गई थी। इसमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए थे, जिसके लिए अभ्यर्थियों को ढाई घंटे का समय दिया गया था। प्रश्नों को तीन खंडों में बांटा गया था: भाषा से 30 प्रश्न, सामान्य अध्ययन से 40 प्रश्न और संबंधित विषय से 80 प्रश्न शामिल थे।
यह परीक्षा केवल नए अभ्यर्थियों के लिए नहीं थी, बल्कि इसमें उन शिक्षकों को भी अवसर दिया गया था जो पहली, दूसरी, तीसरी या चौथी सक्षमता परीक्षा में सफल नहीं हो सके थे। इसके अतिरिक्त, वे शिक्षक भी शामिल हुए जिनके आवेदन पूर्व की परीक्षाओं में किसी कारणवश स्वीकृत नहीं हो पाए थे। इसी वजह से इस पांचवीं परीक्षा में विभिन्न चरणों के अभ्यर्थियों ने एक साथ भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का दायरा और व्यापक हो गया था।
न्यूनतम उत्तीर्ण अंक और कमजोर प्रदर्शन
बिहार बोर्ड ने विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग न्यूनतम उत्तीर्ण अंक निर्धारित किए थे, जिसके आधार पर ही परिणाम तैयार किया गया है।
| वर्ग | न्यूनतम उत्तीर्ण अंक |
|---|---|
| सामान्य वर्ग | 40% |
| पिछड़ा वर्ग | 36.5% |
| अत्यंत पिछड़ा वर्ग | 34% |
| अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और महिला अभ्यर्थी | 32% |
परिणामों में विषयवार प्रदर्शन पर भी ध्यान दिया गया है। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, कक्षा 9 और 10 वर्ग के शिक्षकों का परिणाम सबसे कमजोर रहा है। इस परीक्षा में प्राथमिक स्तर सहित विभिन्न श्रेणियों के वे शिक्षक भी शामिल थे, जो पहले आयोजित सक्षमता परीक्षाओं में सफल नहीं हो पाए थे।
आगे की प्रक्रिया: काउंसलिंग और अंतिम सूची
बिहार बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि घोषित परिणाम फिलहाल प्रोविजनल हैं। सफल घोषित शिक्षकों को अगले चरण में काउंसलिंग की प्रक्रिया से गुजरना होगा। काउंसलिंग की तिथि, स्थान और अन्य दिशा-निर्देश शिक्षा विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे। अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड के अनुसार, अब तक पांचों सक्षमता परीक्षाओं को मिलाकर कुल 2,71,133 शिक्षक सफल घोषित किए जा चुके हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य स्थानीय निकाय के शिक्षकों की योग्यता का आकलन कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाना है। जो शिक्षक इस परीक्षा में शामिल हुए हैं, वे अपना परिणाम बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने एप्लीकेशन नंबर की सहायता से देख सकते हैं।










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