Bihar Fake Drugs: नकली दवाओं के खिलाफ बिहार में चलाए जा रहे निर्णायक अभियान को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी पहचान मिली है। दुनिया की प्रमुख दवा कंपनी ग्लैक्सोस्मिथक्लाइन (जीएसके) ने बिहार राज्य औषधि नियंत्रण विभाग के प्रयासों की खुले तौर पर तारीफ की है। कंपनी के लंदन कार्यालय से आए अधिकारियों ने विभाग को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया है, जो राज्य के जनस्वास्थ्य सुरक्षा मॉडल की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है।
नकली दवाओं के खिलाफ बिहार की कार्रवाई का डंका बजा दुनिया में
गुरुवार को जीएसके के अधिकारी मार्क लैंबर्ट के नेतृत्व में एक टीम बिहार राज्य औषधि नियंत्रण मुख्यालय पहुंची। उन्होंने राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद क्रिसलय और इंस्पेक्टोरेट टीम को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा पत्र सौंपा। यह सम्मान बिहार में नकली और घटिया दवाओं के बड़े पैमाने पर चलाए गए विशेष अभियान के बाद दिया गया है। इस अभियान के दौरान बाजार में विभिन्न कंपनियों के नाम से बेची जा रही भारी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की गई थीं। जांच में इन दवाओं के नकली होने की पुष्टि होते ही संबंधित मामलों में तत्काल कानूनी कार्रवाई की गई।






जीएसके के अधिकारियों ने कहा, ‘बिहार में नकली दवाओं के खिलाफ जिस स्तर पर अभियान चलाया गया और प्रभावी कार्रवाई की गई, वह वैश्विक स्तर पर भी उल्लेखनीय है। यह सम्मान जनस्वास्थ्य की रक्षा और मानव सेवा के प्रति राज्य औषधि नियंत्रण विभाग की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।’
मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: नित्यानंद क्रिसलय
इस अंतरराष्ट्रीय सराहना के बाद राज्य औषधि नियंत्रक नित्यानंद क्रिसलय ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नकली और घटिया दवाओं के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। क्रिसलय ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस महत्वपूर्ण मामले में किसी भी प्रकार का समझौता बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं होगा। यह सम्मान राज्य के उन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो दिन-रात जनस्वास्थ्य की सुरक्षा में लगे हैं।










