Bihar Shravani Mela: भागलपुर, बिहार: वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले Bihar श्रावणी मेला को सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने अभी से कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज जिलाधिकारी ने वरीय अधिकारियों की पूरी टीम के साथ मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिलाधिकारी ने दांडी बिलारी, एयरपोर्ट क्षेत्र, किशनगढ़, तिलकपुर, महाराजा पंडाल और नमामि गंगे घाट जैसे प्रमुख स्थलों का दौरा किया। उन्होंने श्रद्धालुओं के आगमन और आवागमन के मार्गों का बारीकी से जायजा लिया, जिसमें पैदल पथ, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन निकासी मार्गों की उपलब्धता शामिल थी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मार्ग पूरी तरह से अवरोधमुक्त रहें और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बैरिकेडिंग तथा दिशा-सूचक संकेतक लगाए जाएं ताकि भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।






लाखों श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम: क्या-क्या देखा गया?
दांडी बिलारी और एयरपोर्ट क्षेत्र में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से श्रद्धालुओं की आवाजाही, वाहन पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समुचित पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने और यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के आदेश दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाखों की संख्या में आने वाले शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने कहा, “श्रावणी मेला राज्य का एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन सुनिश्चित करे। सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए।”
स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा पर विशेष जोर
किशनगढ़ और तिलकपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान विश्राम स्थलों, पेयजल, अस्थायी शौचालयों, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, कचरा निष्पादन और चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने नगर निकाय और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी मूलभूत सुविधाएँ पूर्ण रूप से कार्यशील हों। साथ ही, नियमित सफाई और सैनिटेशन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। महाराजा पंडाल में श्रद्धालुओं के ठहराव, बैठने की व्यवस्था, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन उपकरण, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन निकास मार्गों का गहन निरीक्षण किया गया। पंडाल में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के सख्त आदेश दिए गए।
नमामि गंगे घाट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
नमामि गंगे घाट पर जिलाधिकारी ने घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा बैरिकेडिंग और गोताखोरों व एसडीआरएफ/आपदा प्रबंधन टीम की तैनाती की समीक्षा की। जल पुलिस, चेंजिंग रूम, पेयजल और चिकित्सा सहायता केन्द्रों की उपलब्धता भी जाँची गई। उन्होंने निर्देश दिया कि स्नान के दौरान किसी भी दुर्घटना की संभावना को न्यूनतम करने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो और घाटों पर सतत निगरानी रखी जाए। इस विस्तृत निरीक्षण में पुलिस प्रशासन, नगर निगम, पथ निर्माण, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, पर्यटन और परिवहन सहित विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि श्रावणी मेला-2026 सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।









