Bihar Rain Alert: मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार के कई जिलों के लिए 25 से 28 जुलाई के बीच भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हाल ही में वज्रपात की घटनाओं में तीन लोगों की जान जा चुकी है। राज्य के कई हिस्सों में अभी भी सामान्य से 37 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसान भी परेशान हैं।
इन जिलों में वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश का खतरा
IMD ने 25 से 28 जुलाई के लिए जिन जिलों में भारी बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है, उनमें अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 28 जुलाई को पटना, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, सारण, वैशाली और सीवान में भी भारी वर्षा की संभावना है। इन सभी 17 जिलों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के पास रहने से बचने को कहा गया है।






मौसम विभाग ने आज 23 जिलों में तेज हवा के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान बिजली गिरने की भी संभावना है, जिससे लोगों को खराब मौसम में सावधान रहने को कहा गया है। आज जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है, वे हैं:

- पूर्वी चंपारण
- पश्चिम चंपारण
- शिवहर
- सीतामढ़ी
- सुपौल
- अररिया
- किशनगंज
- गोपालगंज
- सारण
- सीवान
- मुजफ्फरपुर
- वैशाली
- समस्तीपुर
- दरभंगा
- सहरसा
- मधेपुरा
- पूर्णिया
- कटिहार
- खगड़िया
- भागलपुर
- मुंगेर
- बांका
- जमुई
इनमें से सीमांचल के चार जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज और कटिहार में विशेष रूप से भयंकर बारिश की चेतावनी दी गई है।
वज्रपात से 3 लोगों की मौत, मानसून अभी भी कमजोर
बुधवार को बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिनमें पटना, पूर्णिया, बेगूसराय, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और जहानाबाद प्रमुख रहे। हालांकि, इसी दिन आकाशीय बिजली गिरने की दुखद घटनाओं में भोजपुर में दो और समस्तीपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मौसम विभाग ने लोगों से बिजली चमकने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है।
बारिश के बावजूद, राज्य में मानसून अभी भी कमजोर बना हुआ है। बिहार में अब तक 414.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 216.6 मिमी वर्षा ही हुई है। यह सामान्य से 37 प्रतिशत कम है। बारिश की इस कमी का सीधा असर खेती पर दिख रहा है और किसान अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश से ही इस कमी को पूरा किया जा सकेगा।








