Bihar Electricity: बिहार में बिजली चोरी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में, दरभंगा के केवटी में बिजली विभाग ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। विद्युत आपूर्ति को बाधित करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में एक वाहन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही, बिजली चोरी करते रंगे हाथ चार उपभोक्ताओं को भी पकड़ा गया है, जिन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
केवटी में वाहन से बिजली पोल क्षतिग्रस्त, 26,500 का नुकसान
केवटी विद्युत आपूर्ति प्रशाखा के कनीय अभियंता कमलेश कुमार ने एक बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एक वाहन मालिक के खिलाफ केवटी थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला 18 जुलाई 2026 की रात करीब 11:30 बजे का है, जब वाहन संख्या बीआरओ 6 डीएन 4863 ने ग्राम जीवंडा में 200 किलोग्राम क्षमता वाले पीएससी बिजली पोल और लगभग 30 मीटर बिजली के तार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।






विभाग का कहना है कि इस घटना में लगभग 26,500 रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है।
कनीय विद्युत अभियंता ने मामले की गहन जांच के बाद वाहन मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए एफआईआर दर्ज कराई है। यह कार्रवाई सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के लिए एक सख्त संदेश है।

बिजली चोरी करते पकड़े गए चार उपभोक्ता, धारा 135 के तहत केस
केवटी विद्युत आपूर्ति शाखा ने बिजली चोरी के खिलाफ मंगलवार को एक विशेष छापेमारी अभियान चलाया। रनवे केवटी गांव में चलाए गए इस अभियान के दौरान चार उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। ये लोग विभागीय अनुमति के बिना एसएमडीबी बॉक्स से सीधे तार जोड़कर बिजली का उपयोग कर रहे थे।
पुलिस ने इस मामले में दुखी यादव, बिंदेश्वर यादव, शीला देवी और इंद्र कुमार मुखिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत इन सभी पर कानूनी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। बिजली विभाग का कहना है कि ऐसे अभियानों से बिजली चोरी पर लगाम लगेगी और ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
केवटी में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि बिजली विभाग अब लापरवाही और अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।









