Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने शनिवार, 25 जुलाई, 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर यह जानकारी दी। प्रधान ने कहा कि उन्होंने देश के युवाओं की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का सम्मान करते हुए परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित घटनाक्रमों की जिम्मेदारी ली है।
नीट-यूजी विवाद: इस्तीफे की वजह
अपने इस्तीफे में धर्मेन्द्र प्रधान ने 3 मई, 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया था, परीक्षा रद्द कर दी थी और पुन: परीक्षा प्रक्रिया की घोषणा की थी। प्रधान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता 20 लाख से अधिक उम्मीदवारों के लिए निष्पक्ष परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना था और पुन: परीक्षा केंद्रीय तथा राज्य अधिकारियों के सहयोग से आयोजित की गई। उन्होंने यह भी बताया कि NEET-UG की पुन: परीक्षा 21 जून, 2026 को आयोजित की गई थी और इसके परिणाम 16 जुलाई को घोषित किए गए। प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि कई वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों ने भी इसमें सफलता प्राप्त की है।






छात्रों का राष्ट्रव्यापी विरोध और बिहार बंद
शिक्षा मंत्री का यह इस्तीफा परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है। छात्र संगठन शिक्षा मंत्रालय से जवाबदेही की मांग कर रहे थे और प्रधान के इस्तीफे की अपील कर रहे थे। 25 जुलाई को छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों और कथित पेपर लीक को लेकर बिहार बंद का आह्वान भी किया गया था।
प्रधान का भविष्य और आगे की योजना
अपने बयान में, धर्मेन्द्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका निर्णय यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से था कि छात्र अपनी शिक्षा और करियर पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और अपने कार्यकाल के दौरान उनके साथ काम करने वाले अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया। प्रधान ने कहा कि वह युवाओं और देश की आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में काम करते रहेंगे।








