Bihar Road Accident: बिहार के दरभंगा जिले में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। तेज रफ्तार हाइवा ट्रक ने बाइक सवार तीनों मजदूरों को रौंद डाला और चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद मृतक परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि वही घर के मुख्य कमाऊ सदस्य थे।
बहन की ससुराल से लौटते वक्त हुआ हादसा
यह हृदय विदारक घटना दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र स्थित सुरहाचट्टी-हथौड़ी मुख्य पथ पर बाबा चौक के पास हुई। समस्तीपुर जिले के हथौड़ी थाना क्षेत्र के रहटौली गांव निवासी 47 वर्षीय मो. तबरेज आलम, 46 वर्षीय मो. आजाद और 32 वर्षीय मो. इसराइल मजदूरी का काम खत्म कर सुरहाचट्टी में अपनी बहन की ससुराल गए थे। देर रात वे तीनों एक ही बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान, एक अनियंत्रित तेज रफ्तार हाइवा ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।






टक्कर इतनी भीषण थी कि मो. तबरेज आलम और मो. आजाद ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, मो. इसराइल गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस दुर्घटना के बाद हाइवा चालक वाहन लेकर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
पुलिस कर रही फरार चालक की तलाश, परिवारों पर आर्थिक संकट
हादसे की सूचना मिलते ही बहेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक मो. असलम, जो दोनों मृतकों के भतीजे हैं, ने बताया कि तीनों मजदूर थे और उनके परिवारों का भरण-पोषण उन्हीं की कमाई से होता था। अब दो कमाऊ सदस्यों की मौत के बाद उनके आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पुलिस फिलहाल फरार हाइवा चालक और वाहन की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने में जुटी है।
मो. असलम ने बताया, “तीनों मजदूरी का काम खत्म करने के बाद बहन की ससुराल गए थे। देर रात बाइक से घर लौटते समय यह हादसा हो गया। हमारे परिवारों पर अब बहुत बड़ा संकट आ गया है।”
यह Bihar Road Accident एक बार फिर सड़कों पर सुरक्षा के मुद्दे को उठाता है। पुलिस और प्रशासन को ऐसे लापरवाह चालकों पर नकेल कसने की जरूरत है ताकि ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों और किसी परिवार को इस तरह के दुख से न गुजरना पड़े।








