Bihar Police Action: दरभंगा में नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क गई। इस मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। दरभंगा नगर निगम की उप महापौर और कांग्रेस नेत्री नाजिया हसन समेत 52 नामजद लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही 500 से अधिक अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना को लेकर पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
नगर थाना और विश्वविद्यालय थाना की पुलिस बल के साथ उप महापौर नाजिया हसन की गिरफ्तारी के लिए नगर निगम कार्यालय पहुंची थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि नाजिया हसन बोर्ड की बैठक में मौजूद हैं। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के आने से पहले ही वह अपने सहायक के साथ बैठक से निकल चुकी थीं। इसलिए उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई।गिरफ्तारी के लिए छापामारी नहीं की जा सकी थी। हालांकि बोर्ड की बैठक में एक डेढ़ घंटा तक उपस्थित थी लेकिन पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। उक्त बातें थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया है।






हिंसा के बाद 52 नामजद, 500 से अधिक अज्ञात पर केस
नीट परीक्षा में कथित प्रश्न पत्र लीक को लेकर 23 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे से विभिन्न पार्टियों के बैनर तले कर्पूरी चौक से समाहरणालय गेट तक एक विरोध पैदल मार्च निकाला गया था। शुरुआती दौर में यह मार्च शांतिपूर्ण था, लेकिन लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक पहुंचते ही कुछ उपद्रवी तत्वों ने पुलिस पर रोड़ेबाजी और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस उपद्रव में कई पुलिस पदाधिकारी, पुलिसकर्मी, पत्रकार और आम नागरिक घायल हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मिथिला क्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी, जिलाधिकारी कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रड्डी जलरड्डी के निर्देश पर कार्रवाई की गई। लहेरियासराय थाना में एक दारोगा के आवेदन पर 52 नामजद और 500 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दारोगा ने अपने आवेदन में बताया कि जब प्रदर्शनकारियों से पूछा गया कि किसके आदेश पर यह प्रदर्शन हो रहा है, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें किसी से आदेश लेने की आवश्यकता नहीं है।
प्रोटेस्ट कर रहे लोगों से पूछा गया इनके आदेश से किया जा रहा है तो उन्होंने जवाब दिया हम लोगों को किसी से आदेश लेने की आवश्यकता नहीं है।
इस मामले में दरभंगा नगर निगम की उप महापौर सह कांग्रेस नेत्री नाजिया हसन, कांग्रेस जिला अध्यक्ष जमाल, स्किल नजमी, समीर अल्फाज, विमलेश यादव, भोलू यादव उर्फ प्रेमचंद यादव, इकबाल हसन और सदाब अख्तर जैसे कांग्रेस नेता शामिल थे। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान इन लोगों द्वारा भारत सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की जा रही थी।
महिला पुलिसकर्मियों पर हमला और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान
पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, उपद्रवियों ने जानलेवा हमला करने की नीयत से बड़े-बड़े ईंट-पत्थर फेंके। उन्होंने ट्रैफिक पोस्ट को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। सैदनगर और बाकरगंज के घरों की छतों से भी ईंट-पत्थर बरसाए जा रहे थे। सबसे गंभीर बात यह रही कि महिला पुलिसकर्मियों पर तरह-तरह की गंदी बातें की गईं और उन्हें गलत इशारे किए जा रहे थे।
इस मामले में पुलिस ने अब तक 18 बालिग युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 15 नाबालिग युवकों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। एसएसपी के निर्देश पर उपद्रव में शामिल 113 लोगों की तस्वीरें भी जारी की गई हैं और एक मोबाइल नंबर भी दिया गया है, जिस पर पहचानने वाले लोगों के बारे में जानकारी दी जा सकती है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। पुलिस प्रसारित तस्वीरों के आधार पर जगह-जगह छापेमारी कर रही है।








