Bhagalpur Sharab: श्रावणी मेला के आरंभ से ठीक पहले भागलपुर में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बाईपास थाना पुलिस ने एक स्विफ्ट डिजायर कार से 153 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने झारखंड के एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया है, जो शराब की इस बड़ी खेप को बिहार ला रहा था।
गिरफ्तार तस्कर की पहचान झारखंड के गोड्डा जिले के पौड़ेया थाना क्षेत्र अंतर्गत बासमुंडी गांव निवासी इमामुद्दीन अंसारी के रूप में हुई है, जिसके पिता का नाम हारुन अंसारी है। पुलिस ने शराब से लदी कार भी जब्त कर ली है।






गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई, चालक ने भागने की कोशिश की
बाईपास थाना अध्यक्ष चनवीर यादव ने इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर कार से अवैध विदेशी शराब की खेप बिहार लाई जा रही है। इस सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने टाटा शोरूम के पास घेराबंदी कर वाहन जांच शुरू की।
जब संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया, तो चालक ने गाड़ी छोड़कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस बल ने पीछा कर उसे मौके पर ही धर दबोचा। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में शराब बरामद हुई।
17 कार्टन में 153 लीटर विदेशी शराब बरामद
पुलिस की तलाशी में कार से कुल 17 कार्टन विदेशी शराब बरामद हुई। इसमें रॉयल स्टैग ब्रांड की 375 एमएल की 360 बोतलें और इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की 375 एमएल की 48 बोतलें शामिल थीं। दोनों ब्रांड की शराब मिलाकर कुल 153 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है।
विधि-व्यवस्था डीएसपी नवनीत कुमार ने बताया, “बरामद विदेशी शराब और वाहन को जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार चालक से गहन पूछताछ की जा रही है। हमें उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर इस अवैध कारोबार से जुड़े मुख्य तस्करों की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।”
प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार युवक ने पुलिस को बताया कि वह केवल वाहन चालक है और उसे प्रत्येक ट्रिप के बदले 5000 रुपये पारिश्रमिक मिलता है। यह शराब झारखंड के गोड्डा जिले से लोड की गई थी और इसे बिहार के खगड़िया ले जाया जा रहा था।
श्रावणी मेला के मद्देनजर सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी
पुलिस ने बताया कि श्रावणी मेला को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष निगरानी और वाहन जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाना और मेले के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना है। इस कार्रवाई से शराब तस्करों के नेटवर्क पर एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है, जिससे श्रावणी मेला के दौरान शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।








