spot_img

सिम बदल रही थीं, ठिकाने छिपा रही थीं…! बिहार से ऐसे मिलीं दिल्ली की 2 लापता नाबालिग लड़कियां , | पढ़िए – सहरसा और फिर सुपौल – लोकेशन चेंज! पुलिस ने 200 KM पीछा कर खोज निकाला…

Delhi Police Bihar: दिल्ली की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने बिहार के सहरसा, सुपौल और मधुबनी से दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद किया है। पुलिस ने 200 किलोमीटर पीछा कर उन्हें परिजनों को सौंपा।

spot_img
- Advertisement -

Delhi Police Bihar: दिल्ली पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बिहार से दो लापता नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया है। इन किशोरियों को पहाड़गंज और आनंद पर्वत थाना क्षेत्रों से अलग-अलग समय पर अगवा किया गया था। पुलिस की टीम ने लगातार ठिकाने और सिम कार्ड बदल रही इन लड़कियों को ढूंढ निकालने के लिए व्यापक अभियान चलाया।

- Advertisement -

मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजवीर सिंह ने इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहला मामला पहाड़गंज थाने से जुड़ा है, जहां छह जुलाई को एक 13 वर्षीय किशोरी घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर तुरंत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

- Advertisement -

जांच टीम ने 65 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही करीब 140 अनाथालयों, शेल्टर होम, धार्मिक स्थलों और रेड लाइट एरिया में सघन तलाशी अभियान चलाया। पंजाब और बिहार के कई ठिकानों पर भी पुलिस ने दबिश दी, लेकिन शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  India Zimbabwe T20 वैभव सूर्यवंशी का तूफान! अकेले दम पर जिम्बाब्वे को धोया, जिम्बाब्वे को 3-0 से हराकर भारत ने रचा इतिहास

इसके बाद, एक मोबाइल नंबर के आधार पर तकनीकी निगरानी शुरू की गई। इस नंबर की लोकेशन पहले बिहार के सहरसा और फिर सुपौल में मिली। स्थानीय पुलिस की मदद से अंततः सुपौल के छातापुर से उस किशोरी को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।

सिम बदल रही थीं, ठिकाने छिपा रही थीं… बिहार से ऐसे मिलीं दिल्ली की 2 लापता नाबालिग लड़कियां

Bihar Missing Girls: दिल्ली पुलिस की मध्य जिला एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यूनिट ने दिल्ली से लापता हुई दो नाबालिग लड़कियों को बिहार से सकुशल बरामद कर लिया है। इन किशोरियों को उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया है। ये दोनों लड़कियां पहाड़गंज और आनंद पर्वत थाना क्षेत्रों से अलग-अलग मामलों में लापता हुई थीं और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और सिम कार्ड बदल रही थीं।

पहला मामला: पहाड़गंज से लापता किशोरी की बिहार में खोज

जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजवीर सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पहला मामला पहाड़गंज थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां 6 जुलाई को एक 13 वर्षीय किशोरी अपने घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। टीम ने 65 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और लगभग 140 अनाथालयों, शेल्टर होम, धार्मिक स्थलों और रेड लाइट एरिया में बच्ची की तलाश की। इस दौरान पंजाब और बिहार के कई स्थानों पर भी दबिश दी गई, लेकिन शुरुआती दौर में कोई सफलता नहीं मिली।

यह भी पढ़ें:  नहर किनारे खौफनाक हमला: मगरमच्छ के जबड़े से महिला को मौत के मुंह से खींच लाया ये शख्स!

इसके बाद, पुलिस ने एक मोबाइल नंबर के आधार पर तकनीकी निगरानी शुरू की। किशोरी की लोकेशन पहले बिहार के सहरसा और फिर सुपौल में मिली। स्थानीय पुलिस की मदद से अंततः सुपौल के छातापुर से किशोरी को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया।

दूसरा मामला: आनंद पर्वत की किशोरी के लिए 200 KM पीछा

दूसरा मामला आनंद पर्वत थाना क्षेत्र का है, जहां दिसंबर 2025 से लापता एक 15 वर्षीय किशोरी की तलाश चल रही थी। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वह मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हो सकती है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही किशोरी वहां से सहरघाट चली गई। पुलिस टीम ने लगभग 200 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और ग्राम मुखिया व स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे भी सकुशल बरामद कर लिया।

पुलिस को चकमा देने की कोशिश, तकनीक से मिली सफलता

रोहित राजवीर सिंह ने बताया, ‘दोनों किशोरियां पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और सिम कार्ड बदल रही थीं।’

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों नाबालिग लड़कियां अपनी पहचान छिपाने और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार नए ठिकाने और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर रही थीं। एएचटीयू की टीम ने अथक प्रयास, तकनीकी निगरानी और स्थानीय पुलिस व समुदाय की मदद से इन जटिल मामलों को सुलझाया और दोनों किशोरियों को उनके परिवारों तक पहुंचाया, जिससे उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।

यह भी पढ़ें:  Mithila Circuit महा प्लान..रेलवे से जुड़ेगा मिथिला का भाग्य! दरभंगा और मिथिला के पर्यटन स्थल सीधे जुड़ेंगे रेल नेटवर्क से, आएंगे देश-विदेश के सैलानी | होटल, गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प के खुलेंगे नव द्वार

ठिकाने और सिम बदल कर बच रही थीं लड़कियां

दूसरा मामला आनंद पर्वत थाना क्षेत्र का है, जहां दिसंबर 2025 (यह तिथि स्रोत में दी गई है) से एक 15 वर्षीय किशोरी लापता थी। उसकी तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि वह मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में है। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह सहरघाट चली गई।

पुलिस टीम ने करीब 200 किलोमीटर तक उसका पीछा किया और ग्राम मुखिया व स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे भी सकुशल बरामद कर लिया। जांच के दौरान यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि दोनों किशोरियां पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और सिम कार्ड बदल रही थीं।

इन दोनों सफल बरामदगियों ने दिल्ली पुलिस की एएचटीयू की कार्यप्रणाली और तकनीकी दक्षता को उजागर किया है। नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें उनके परिवारों से मिलाने के लिए पुलिस का यह अथक प्रयास महत्वपूर्ण है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

NTA Task Force परीक्षा प्रणाली अब फूल-प्रूफ- नहीं होगा पेपर लीक! परीक्षा लीक टास्क फोर्स की संभालेंगे नंदन नीलेकणि कमान, विशेषज्ञों की टीम बनीं...

NTA Task Force: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय#NTATaskForce,#ExamReform,#NandanNilekani

Hari Bhushan Thakur Bachol भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हरिभूषण ठाकुर बचौल को जान से मारने की धमकी! गाली| कौन है ‘मौत’ की धमकी देने वाला...

Hari Bhushan Thakur Bachol: भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल को जान से मारने की धमकी मिली है। ट्रूकॉलर पर धमकी देने वाले का नाम 'मोहम्मद इमानुल हक' दिखा, पटना प#BiharNews,#PatnaCrime,#HariBhushanThakur

NEET प्रदर्शन: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छात्रों को 6 गाड़ियों में जज आवास ले जाया गया, रो पड़े कई!

Bihar NEET Protest: नीट परीक्षा में धांधली को लेकर पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हिरासत में लिए गए बालिग छात्रों को छह वाहनों में भरकर छज्जूबाग#BiharNEETProtest,#PatnaPolice,#StudentDetention

Bihar Teacher Registration बिहार के शिक्षकों के लिए ‘लास्ट चांस’! 31 जुलाई तक इस ऐप पर रजिस्ट्रेशन नहीं किया तो…?

Bihar Teacher Registration: बिहार में सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 'प्रशस्त एप 2.0' पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। 31 जुलाई तक पंजीकरण नहीं करने वाले शिक्षकों#BiharTeachers,#PrashastApp,#EducationBihar