Bihar STF: मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई करोड़ों रुपये के सोने और नकदी की हाईप्रोफाइल बैंक डकैती का खुलासा हो गया है। बिहार STF ने जबलपुर पुलिस के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई में गया जिले से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटा गया सोना और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
यह सनसनीखेज वारदात जबलपुर जिले के खितौला स्थित इसाफ बैंक की शाखा में हुई थी। हथियारबंद बदमाशों ने दिनदहाड़े बैंक से लगभग 14.873 किलोग्राम सोने के आभूषण और 5 लाख रुपये से अधिक नकदी लूटकर फरार हो गए थे। इस घटना के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने अपराधियों की तलाश तेज कर दी थी।






जबलपुर लूट के तार बिहार से जुड़े, STF ने संभाला मोर्चा
जांच के दौरान जबलपुर पुलिस को इस डकैती के तार बिहार से जुड़े होने के अहम सुराग मिले। इसके तुरंत बाद जबलपुर पुलिस ने बिहार STF से संपर्क किया और सहयोग मांगा। बिहार STF ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गया के इमामगंज थाना और बोधगया SWAT टीम के साथ मिलकर एक विशेष अभियान शुरू किया। तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप मुख्य आरोपी सुनील पासवान को धर दबोचा गया।
पूछताछ में खुला राज, दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
सुनील पासवान से गहन पूछताछ के बाद पुलिस को इस अंतरराज्यीय गिरोह के अन्य सदस्यों और लूटे गए सामान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इमामगंज थाना क्षेत्र से श्रवण कुमार उर्फ छोटू महतो को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, श्रवण कुमार ही लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने और बेचने का काम कर रहा था।
349 ग्राम सोना, पिस्टल और कारतूस बरामद
श्रवण कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने बैंक से लूटा गया 349 ग्राम सोना बरामद किया। इसके अलावा, मुख्य आरोपी सुनील पासवान की जानकारी पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। यह बरामदगी बिहार STF की बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह पर नकेल कसी है।
अंतरराज्यीय गिरोह पर शिकंजा, आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह बैंक डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद दूसरे राज्यों में जाकर छिप जाता था और लूटे गए आभूषणों को धीरे-धीरे बाजार में बेचकर पैसा बनाता था। बिहार STF और स्थानीय पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह की बड़ी साजिश पर रोक लगी है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों को भी पकड़ा जा सके और लूटे गए बाकी सोने की बरामदगी हो सके।








