Bagaha News: बाघा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला पर मगरमच्छ ने जानलेवा हमला कर दिया। रविवार सुबह खेत में काम करने जा रही 35 वर्षीय बसमती देवी को मगरमच्छ नहर में खींचने की कोशिश कर रहा था। तभी एक ग्रामीण की बहादुरी ने उनकी जान बचाई। यह घटना सिरसिया-नौरंगिया थाना क्षेत्र में हुई, जिसने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
मगरमच्छ के जबड़े से ऐसे बची जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ ने महिला को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और उसे नहर में खींचने लगा। बसमती देवी की चीख सुनकर पास के खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत मौके पर पहुंचे। उनमें से एक असलम बैठा ने जान जोखिम में डालते हुए लाठी-डंडों से मगरमच्छ पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि असलम ने लगातार मगरमच्छ पर वार किए, जिससे वह महिला को छोड़कर पानी में वापस चला गया। यदि असलम समय पर न पहुंचते तो महिला को बचाना असंभव होता।






गंभीर हालत में बेतिया रेफर, ग्रामीणों में गुस्सा
घायल महिला की पहचान जितेंद्र मांझी की पत्नी बसमती देवी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल बाघा ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेतिया के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) रेफर कर दिया। डॉ. पुष्पराज ने बताया कि महिला की स्थिति गंभीर होने के कारण उसे रेफर किया गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह मगरमच्छ पहले भी घातक हमलों में शामिल रहा है। वन विभाग को इसे पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ना चाहिए और नहर किनारे सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।
इस घटना के बाद नहर के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में भय का माहौल है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई करने और ऐसे हमलों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन इस दिशा में त्वरित कदम नहीं उठाता है, तो भविष्य में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।








