Bihar Forest Department: अवैध आरा मिलों के खिलाफ बिहार में वन विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भागलपुर वन प्रमंडल ने नवगछिया अनुमंडल के बिहपुर प्रखंड स्थित बभनगामा बाजार में रविवार को छापेमारी कर तीन अवैध आरा मिलों को जब्त कर लिया। इस अभियान से जिले में अवैध लकड़ी के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग ने इन मिल संचालकों और अन्य दोषियों पर बिहार काष्ठ चिरान अधिनियम के साथ-साथ भारतीय वन अधिनियम के तहत भी सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज किया है। भागलपुर के वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज को बिहपुर क्षेत्र में अवैध आरा मिलों के संचालन की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत एक विशेष टीम गठित करने का निर्देश दिया।






संयुक्त अभियान से मिली बड़ी सफलता
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए नवगछिया के वन क्षेत्र पदाधिकारी कुमार गौतम और कहलगांव के वन क्षेत्र पदाधिकारी कम्पनी कुमार ने टीम का नेतृत्व किया। अभियान में नवगछिया पुलिस अधीक्षक के सहयोग से बिहपुर, झंडापुर और खरीक थानों की पुलिस को भी शामिल किया गया। पुलिस बल के कड़े पहरे में बिहपुर थाना के नेतृत्व में बभनगामा बाजार में यह छापेमारी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज ने स्पष्ट किया है कि पूरे भागलपुर जिले में अवैध आरा मिलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
करोड़ों की मशीनें और कीमती लकड़ियां जब्त
छापेमारी दल ने मौके से आरा मिल की मशीनें, तेज आरी ब्लेड और भारी मात्रा में अवैध रूप से जमा की गई कीमती लकड़ियों को जब्त किया। जब्त की गई लकड़ियों में शीशम, महोगनी और सागवान जैसी प्रजातियां शामिल हैं, जिनकी बाजार में अच्छी कीमत है। इस कार्रवाई से अवैध लकड़ी कटाई और प्रसंस्करण पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
अवैध संचालकों को सख्त चेतावनी
भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि भागलपुर, कहलगांव और नवगछिया में संचालित सभी अवैध आरा मिल मालिकों को तत्काल अपनी मिलें बंद करने की सख्त हिदायत दी गई है। चेतावनी दी गई है कि ऐसा न करने पर आने वाले दिनों में उनके खिलाफ भी इसी तरह की जब्ती और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग का यह कदम पर्यावरणीय संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।








