Bihar Sugarcane Farmers: बिहार के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। आज से गन्ना किसानों का पंजीकरण शुरू हो गया है, जिससे उन्हें अपनी फसल बेचने की चिंता नहीं रहेगी। जाले प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों में मंगलवार से यह महत्वपूर्ण अभियान शुरू हुआ है। इच्छुक किसान 2 अगस्त तक अपने नजदीकी पंचायत सरकार भवन में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं।
पंजीकृत किसानों द्वारा भविष्य में उत्पादित गन्ने की खरीद रैयाम चीनी मिल द्वारा की जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा।






गन्ना किसानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया और सुविधा
बीएओ प्रेमनाथ सिंह ने इस पंजीकरण अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए पंचायत सरकार भवनों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में किसान आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। यह अभियान 2 अगस्त तक चलेगा, जिससे सभी इच्छुक बिहार के गन्ना किसानों को पर्याप्त समय मिल सके।
बीएओ प्रेमनाथ सिंह ने बताया, “इच्छुक किसान अपने-अपने पंचायत सरकार भवन में आयोजित शिविर में पहुंचकर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकृत किसानों द्वारा भविष्य में उत्पादित गन्ने की खरीद रैयाम चीनी मिल की ओर से की जाएगी।”
शिविर में मौजूद रहेंगे विशेषज्ञ, ऐसे लें अधिक जानकारी
किसानों को पंजीकरण में कोई परेशानी न हो, इसके लिए शिविरों में कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और पंचायत के कार्यपालक सहायक जैसे संबंधित कर्मी मौजूद रहेंगे। ये सभी अधिकारी किसानों को पंजीकरण प्रक्रिया में मदद करेंगे और उनके सवालों का जवाब देंगे। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने बीसीओ से भी संपर्क कर सकते हैं।
यह पहल गन्ना उत्पादकों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उन्हें अपनी फसल के लिए एक निश्चित बाजार प्रदान करेगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है, साथ ही रैयाम चीनी मिल को भी नियमित रूप से गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।








