Bihar Awas Yojana: शहरी गरीबों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में बिहार सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत राज्य के 45 नगर निकायों के लिए 233.05 करोड़ रुपये की पहली किस्त को मंजूरी दे दी गई है। इस धनराशि से लाभार्थी-आधारित निर्माण (BLC) परियोजनाओं को गति मिलेगी, जिससे हजारों पात्र शहरी परिवारों को अपने सपनों का घर बनाने में सहायता मिलेगी।
बिहार में ₹233 करोड़ की पहली किस्त मंजूर
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, स्वीकृत राशि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत चयनित नगर निकायों के लिए पहली किस्त के रूप में जारी की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत, पात्र लाभार्थियों को 30 से 45 वर्ग मीटर के पक्के मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह निर्णय शहरी क्षेत्रों में आवास संकट को कम करने और हर परिवार को छत उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है।






पारदर्शिता के साथ होगा फंड का वितरण
अधिकारियों ने बताया कि यह राशि संबंधित शहरी स्थानीय निकायों को SNA-SPARSH (सिस्टम फॉर नोडल एजेंसी) प्लेटफॉर्म के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी। विभाग ने बताया कि समय पर फंड हस्तांतरण, पारदर्शिता में सुधार और लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में देरी को कम करने के लिए ‘जस्ट-इन-टाइम SNA-SPARSH’ मॉडल अपनाया गया है। केंद्र और राज्य सरकार, दोनों की ओर से योगदान के बाद कुल 233.05 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
केंद्र सरकार की हिस्सेदारी में सामान्य वर्ग के लिए 111.60 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 27.23 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 99.60 लाख रुपये शामिल हैं। बिहार सरकार अपनी संबंधित हिस्सेदारी प्रदान करेगी।
इन नगर निकायों को मिली सबसे अधिक राशि
इस योजना के तहत कई नगर निकायों को बड़ी राशि आवंटित की गई है, जिससे वहां के निवासियों को विशेष लाभ मिलेगा।
| नगर निकाय | आवंटित राशि (करोड़ रुपये में) |
|---|---|
| सीतामढ़ी नगर निगम | 20.63 |
| बोधगया नगर परिषद | 18.16 |
| मधुबनी नगर निगम | 17.03 |
| आलम नगर नगर पंचायत | 13.80 |
| मीरगंज नगर परिषद | 10.52 |
| चकिया नगर परिषद | 10.36 |
| बनमनखी बाजार नगर परिषद | 10.30 |
शेष स्वीकृत राशि योजना में शामिल अन्य चयनित शहरी स्थानीय निकायों के बीच वितरित की जाएगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य शहरी गरीब परिवारों को अपना घर बनाने या सुधारने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस पहल से शहरी क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।








