Jharkhand Naxalite Arrest: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर दा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस Bihar समेत कई राज्यों में सक्रिय इस दुर्दांत नक्सली की गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उसके साथ संगठन के दो सक्रिय सदस्य और दो अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है।
कैसे दबोचा गया एक करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा?
सुरक्षाबलों ने धनबाद के बरवाअड्डा इलाके से मिसिर बेसरा को घेरकर पकड़ा। खुफिया इनपुट के आधार पर झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया था। बताया गया है कि गिरिडीह-धनबाद सीमा क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान से बचने के लिए मिसिर बेसरा अपने चार सहयोगियों के साथ टाटा मैजिक वाहन से भागने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान सुरक्षाबलों ने उसे धर दबोचा। वाहन से तीन एके-47 राइफल भी बरामद की गई हैं।






झारखंड के आईजी (अभियान) नरेंद्र कुमार सिंह ने बुधवार को इन सभी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में मिसिर बेसरा के अलावा रीजनल कमेटी सदस्य तुम्बा मांझी, एरिया कमेटी सदस्य बिरेन हांसदा, मंगल मुर्मू और दिनेश राय शामिल हैं। केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां इन सभी से गहन पूछताछ कर रही हैं, जिससे नक्सली संगठन से जुड़ी और भी अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
बिहार समेत चार राज्यों में आतंक का पर्याय था मिसिर बेसरा
मिसिर बेसरा लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ अकेले झारखंड में ही 141 मामले दर्ज हैं। वह झारखंड, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सक्रिय रहा है। उस पर सुरक्षाबलों पर हमले, हत्या, लेवी वसूली और विस्फोट जैसी कई संगीन घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित होने के कारण उसकी गिरफ्तारी लगातार प्राथमिकता में थी। इस Jharkhand Naxalite Arrest से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगने की उम्मीद है।
नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता: आगे क्या?
प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी जीत है। यह न केवल संगठन को कमजोर करेगा, बल्कि अन्य नक्सलियों के बीच भी भय पैदा करेगा। सुरक्षा एजेंसियां अब मिसिर बेसरा से मिली जानकारियों का इस्तेमाल कर संगठन की कमर तोड़ने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। इस गिरफ्तारी से झारखंड, बिहार और पड़ोसी राज्यों में शांति व्यवस्था स्थापित करने के प्रयासों को बल मिलेगा।








