Darbhanga News: दरभंगा में लापरवाही की ‘ मौत वाली आहट ‘ नाले का ढक्कन कई महीनों से टूटा… दिखा खौफनाक मंज़र – खुले नाले में गिरी मासूम, ऐसे बची जान! सोचिए! अगर नहीं बचती जान तो क्या होता? यहाँ कोई रेस्क्यू टीम भी जबतक पहुंचती साहस सांस के आगे बेदम हो रही होती। शुक्र है ग्रामीणों की दिलेरी लालटुन की नन्ही जान रोशनी सही सलामत बची।
बिहार के दरभंगा जिले में एक बड़ा हादसा टल गया है। किरतपुर प्रखंड के झगरुवा गांव में गुरुवार को खेलते समय एक दो वर्षीय बच्ची खुले नाले में गिर गई। स्थानीय लोगों की तत्परता और सूझबूझ से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे उसकी जान बच गई। इस घटना ने एक बार फिर खुले और टूटे हुए नालों से पैदा होने वाले खतरे को उजागर कर दिया है।






यह हृदय विदारक घटना झगरुवा गांव में घटी। जानकारी के अनुसार, नाले का ढक्कन लंबे समय से टूटा हुआ था। इसी दौरान खेल रही दो वर्षीय बच्ची रौशनी, जो लालटुन नादाफ की बेटी है, का पैर फिसल गया और वह सीधे नाले में जा गिरी। बच्ची के अचानक रोने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।
खुले नाले में गिरी 2 साल की बच्ची, ग्रामीणों ने जान पर खेलकर ऐसे बचाई जान! दरभंगा की ये खबर आपको चौंका देगी
Darbhanga Drain Accident: बिहार के दरभंगा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ खुले नाले में गिरने से एक दो वर्षीय बच्ची बाल-बाल बच गई। गुरुवार को किरतपुर प्रखंड के झगरुवा गांव में यह घटना हुई। स्थानीय लोगों की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक गंभीर हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, नाले का ढक्कन टूटा हुआ था। खेलते हुए बच्ची का पैर फिसल गया और वह सीधे नाले में जा गिरी। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य से बच्ची की जान बच सकी।
खुले नाले ने फिर बढ़ाई चिंता, प्रशासन पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर खुले और टूटे हुए नालों से पैदा होने वाले खतरों को उजागर किया है। बचाई गई बच्ची की पहचान झगरुवा गांव निवासी लालटुन नादाफ की दो वर्षीय बेटी रौशनी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने राहत की साँस ली और उन स्थानीय लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी बच्ची की जान बचाई।
ग्रामीणों ने बताया कि नाले का ढक्कन लंबे समय से टूटा हुआ है, जिससे भविष्य में भी ऐसे हादसे हो सकते हैं। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द नाले का ढक्कन ठीक कराने और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिना किसी देरी के, स्थानीय निवासियों ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने टूटे हुए नाले के ढक्कन को हटाया और सावधानीपूर्वक बच्ची को बाहर निकाला। समय रहते हुए इस बचाव कार्य से बच्ची की जिंदगी सुरक्षित हो गई, और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली। उन्होंने स्थानीय लोगों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
दरभंगा में लापरवाही का नतीजा, ग्रामीणों में गुस्सा
ग्रामीणों ने बताया कि यह नाले का ढक्कन कई महीनों से टूटा हुआ है। इस लापरवाही के कारण भविष्य में भी ऐसे गंभीर हादसे होने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने संबंधित सरकारी विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने जोर देकर कहा, “हमारा प्रशासन से अनुरोध है कि जल्द से जल्द नाले का ढक्कन ठीक कराया जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आज तो बच्ची बच गई, लेकिन कल कोई बड़ा हादसा हो सकता है।”
मासूमों की सुरक्षा पर सवाल, प्रशासन कब जागेगा?
इस घटना ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले और क्षतिग्रस्त नालों की समस्या पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों के खेलने की जगहों के आसपास ऐसी खतरनाक स्थिति उनकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। प्रशासन को ऐसे मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि भविष्य में कोई और मासूम इसकी कीमत न चुकाए।
फिलहाल, बच्ची सुरक्षित है और अपने परिवार के साथ है, लेकिन ग्रामीणों की यह मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे। यदि इन टूटे हुए ढक्कनों की मरम्मत नहीं की जाती है, तो आने वाले समय में ऐसे और भी हादसे हो सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित विभाग की होगी।
स्थानीय लोगों की मांग: तत्काल हो नाले की मरम्मत
झगरुवा गांव के निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत ध्यान दें। उनका कहना है कि यह केवल एक बच्ची का मामला नहीं है, बल्कि पूरे वार्ड की सुरक्षा का सवाल है। अगर समय रहते टूटे हुए नाले की मरम्मत नहीं की गई, तो ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं, जिसका खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ सकता है। प्रशासन को इस ओर गंभीरता से विचार कर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।







