Bihar Railway: अब बिहार के विधायक और पूर्व विधायक रेलवे टिकट बुक करने के लिए कूपन या काउंटर की पारंपरिक प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहेंगे। राज्य सरकार ने रेलवे कूपन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इस नई पहल के तहत, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करेगा। इस प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करके जनप्रतिनिधि देश के किसी भी हिस्से से आसानी से ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस डिजिटल व्यवस्था को अगले 60 दिनों के भीतर लागू करने की तैयारी करने का निर्देश दिया है। इस कदम के साथ, बिहार इस तरह की डिजिटल सुविधा लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने की ओर अग्रसर है। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में संसदीय कार्य विभाग और पूर्व-मध्य रेलवे के अधिकारियों के बीच एक विस्तृत बैठक हुई, जिसमें इस विषय पर गहन चर्चा की गई।






विधायकों को मिलेगी ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
बैठक में रेलवे कूपन व्यवस्था को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया गया। नई प्रणाली लागू होने के बाद, विधायक और पूर्व विधायक किसी भी स्थान से ऑनलाइन माध्यम से टिकट बुक कर पाएंगे। इससे टिकट प्राप्त करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल और तेज हो जाएगी। रेलवे काउंटर पर जाकर टिकट लेने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो जाएगी, जिससे उनका बहुमूल्य समय बचेगा।
इस डिजिटल व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, क्योंकि सभी लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। विधानसभा अध्यक्ष ने सचिवालय को इस परियोजना के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया है। यह अधिकारी आईआरसीटीसी, विधानसभा सचिवालय और Bihar Railway अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी व्यवस्था लागू कराने की जिम्मेदारी निभाएगा।
शुरुआत में जारी रहेगी पुरानी कूपन व्यवस्था
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नई डिजिटल प्रणाली के शुरुआती चरण में वर्तमान रेलवे कूपन व्यवस्था भी जारी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नई तकनीक को अपनाने के दौरान किसी भी विधायक या पूर्व विधायक को टिकट बुकिंग में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कुछ समय तक दोनों व्यवस्थाएं समानांतर रूप से संचालित की जाएंगी, ताकि सुचारु संक्रमण सुनिश्चित हो सके।
डिजिटलीकरण के बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है। कागजी रिकॉर्ड की जरूरत कम होगी, जिससे दस्तावेजों के रखरखाव में आसानी होगी। इसके साथ ही अनावश्यक खर्चों में कमी आने से राजस्व की बचत होने की संभावना भी जताई गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल व्यवस्था टिकट बुकिंग और रिकॉर्ड प्रबंधन दोनों को अधिक व्यवस्थित और कुशल बनाएगी।
विधायकों के लिए ट्रेनों में सीट कोटा बढ़ाने पर भी चर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायकों और पूर्व विधायकों के लिए ट्रेनों में आरक्षित सीटों के कोटे पर भी चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने पटना से होकर आने-जाने वाली ट्रेनों में मौजूदा कोटे को बढ़ाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, जिन ट्रेनों में अभी तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनमें भी कोटा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे से आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में संसदीय कार्य विभाग के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल. चोंग्थू, पूर्व-मध्य रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक दिलीप कुमार, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक अजय तिवारी और मुख्य वाणिज्य निरीक्षक संतोष कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने डिजिटल व्यवस्था को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी विचार-विमर्श किया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि यह सुविधा जल्द से जल्द जनप्रतिनिधियों के लिए उपलब्ध हो।








