Benipur Encroachment: सतीश चंद्र झा। दरभंगा जिले के बेनीपुर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रशासन ने आज अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। बेनीपुर से लेकर धरौरा तक मुख्य बाजार में बुलडोजर की आहट सुनते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क किनारे फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदार तेजी से अपना सामान समेटने लगे। इस कार्रवाई से बेनीपुर में लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से लोगों को एक सप्ताह तक के लिए राहत मिलने की उम्मीद है।
बेनीपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, जाम से मुक्ति
एक सप्ताह पहले अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) मनीष कुमार झा ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और बहेड़ा थाना को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। यह अभियान बेनीपुर के भारत चौक से शुरू होकर हटिया गाछी, आशापुर टावर चौक, मझौरा और धरौरा चौक तक चलाया गया। नगर परिषद ने पूरे क्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों से प्रचार-प्रसार करवाकर अतिक्रमणकारियों को स्वयं सड़क खाली करने को कहा था, अन्यथा खर्च की वसूली की चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि, अतिक्रमणकारी सड़क के दोनों ओर जमे हुए थे, जिसके बाद प्रशासन को सीधे कार्रवाई करनी पड़ी।






SDO मनीष कुमार झा की अगुवाई में हटा अतिक्रमण
आज अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा, अनुमंडल आरक्षी पदाधिकारी (SDPO) बासुकीनाथ झा, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) राहुल कुमार कर्ण, नगर परिषद के योजना विकास पदाधिकारी कुमार संभव और थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी बुलडोजर के साथ सड़क पर उतरे। उनके मैदान में आते ही बाजार में भगदड़ मच गई। सब्जी, फल और कपड़े बेचने वाले छोटे व्यवसायी अपनी टोकरियां, खोमचे और ठेले समेटकर सड़क खाली करने लगे। प्रशासन ने बेनीपुर अनुमंडल गेट से लेकर आशापुर टावर चौक तक सड़क किनारे से अस्थायी अतिक्रमण को पूरी तरह हटा दिया।
दोबारा कब्जा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बेनीपुर के मुख्य मार्गों पर यातायात सुगम हो गया है। हालांकि, यह भी देखा गया है कि ऐसे अतिक्रमण हटाओ अभियान समय-समय पर चलते रहते हैं, लेकिन प्रशासन के हटते ही अतिक्रमणकारी फिर से सड़क किनारे अपना व्यवसाय शुरू कर देते हैं। इस बार प्रशासन की पैनी नजर उन निजी भूमि मालिकों पर भी है, जो सड़क किनारे ठेला और खोमचा लगाने वालों से दैनिक हिसाब से टैक्स वसूल कर उन्हें सड़क जाम करने की खुली छूट देते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है:
दोबारा अतिक्रमण करने वालों का समान जप्ती के साथ-साथ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
यह सख्त चेतावनी बताती है कि प्रशासन इस बार अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान चाहता है और भविष्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








