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Bihar Crime News कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या का पर्दाफाश ! ड्राइवर ने खोला हत्या का खौफनाक राज, बोला – मैंने ही मारा | पढ़िए -ड्राइवर ने क्यों किया कत्ल!

Bihar Crime News: औरंगाबाद में हुई वारदात में चौंकाने वाला खुलासा, पुलिस के सामने ड्राइवर ने गुनाह कबूला। लंबे काम के घंटे और अधिकारी की डांट-फटकार बनी हत्या की वजह।

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Bihar Crime News: बिहार में देहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके ड्राइवर मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और उसने विस्तार से बताया कि कैसे उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने जानकारी दी कि आरोपी मिथिलेश कुमार ने स्वीकार किया है कि उसने अधिकारी की सरकारी गाड़ी में रखे टायर खोलने वाले लोहे के औजार से उन पर हमला किया था। उसने इस घटना को अज्ञात हमलावरों द्वारा की गई वारदात दिखाने की भी कोशिश की थी।

हैरान करने वाला खुलासा: डेहरी EO की हत्या का मास्टरमाइंड निकला उनका अपना ड्राइवर, बिहार पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाई गुत्थी!

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Bihar Crime News: रोहतास जिले के डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के मामले में बिहार पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया है कि इस वारदात को किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि मृतक के अपने वाहन चालक ने ही अंजाम दिया था। यह घटना शनिवार देर रात औरंगाबाद जिले के बारूण थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने आरोपी चालक को तत्काल गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

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कैसे सुलझी डेहरी EO विमल कुमार की हत्या की गुत्थी?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद शुरुआती दौर में इसे संगठित अपराध से जोड़कर देखा जा रहा था। हालांकि, बिहार पुलिस की त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच ने मामले की पूरी दिशा बदल दी। मगध प्रक्षेत्र, गया के पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने बताया कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, तकनीकी प्रमाणों और गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस बहुत कम समय में आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। इस त्वरित कार्रवाई ने पुलिस की दक्षता को साबित किया है।

विकास वैभव ने कहा, “वैज्ञानिक जांच, तकनीकी साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस बहुत कम समय में आरोपी तक पहुंच गई। अब मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।”

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पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, संदिग्ध गतिविधियों और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीक जांच की। इस जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके बाद शक की सुई वाहन चालक पर आकर टिक गई। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें मिले तथ्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और पूरी घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।

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इस मामले का खुलासा होने के बाद डेहरी नगर परिषद और औरंगाबाद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और हत्या के पीछे की सही वजह जल्द ही सामने लाई जाएगी। आरोपी चालक से की जा रही पूछताछ से कई और अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है, जिससे इस जघन्य अपराध के पीछे का पूरा सच सामने आ सकेगा।

ड्राइवर ने खोला हत्या का राज

पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने जांचकर्ताओं को बताया कि वह लंबे समय तक काम करने और कार्यपालक पदाधिकारी से लगातार डांट-फटकार मिलने के कारण मानसिक तनाव में था। आरोपी ने दावा किया कि घटना वाले दिन उसने देहरी से पटना देर शाम यात्रा करने पर आपत्ति जताई थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि यात्रा से पहले उसे खाना नहीं मिला था और अधिकारी के साथ चलने को कहने पर उसे डांटा गया था। यह कथित हमला औरंगाबाद जिले में बारुण-दाउदनगर-पटना नहर सड़क पर लख डिहरा गांव के पास हुआ, जब गाड़ी को रोका गया। पुलिस ने बताया कि ड्राइवर ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने कुमार के सिर पर टायर खोलने वाले औजार से कई बार वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव ने बताया, “ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने स्वीकार किया है कि उसने विमल कुमार पर टायर खोलने वाले लोहे के औजार से हमला किया था। वह लंबे समय से तनाव में था और अधिकारी की डांट-फटकार से परेशान था।”

गुमराह करने की कोशिश और पुलिस का शक

जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी ने बाद में घटना को दुर्घटना दिखाने की कोशिश में सड़क किनारे गाड़ी को पलट दिया था। जब उसकी यह योजना विफल हो गई, तो पुलिस का आरोप है कि उसने एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी, जिसमें दावा किया गया कि एक अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने अधिकारी पर हमला किया था। इसके बाद उसने पीड़ित के परिवार और अधिकारियों को कुमार की मौत के बारे में सूचित किया।

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जांच जारी, और सबूत जुटा रही पुलिस

विकास वैभव ने बताया कि पूछताछ के दौरान ड्राइवर के बयानों में बदलाव आने के बाद जांचकर्ताओं को उस पर शक हुआ था। पुलिस ने बताया कि उसने शुरू में दावा किया था कि दो मोटरसाइकिलें शामिल थीं, लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदलकर एक मोटरसाइकिल कर दिया, जिससे आगे की पूछताछ हुई और अंततः उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। मामले की जांच अभी जारी है, और पुलिस आरोपी के बयान की पुष्टि के लिए अतिरिक्त सबूत जुटा रही है। इस घटना ने बिहार में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

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