Bihar Assistant Professor Result: शनिवार को बिहार के नवस्थापित 211 डिग्री कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए एक बड़ा ऐलान हुआ। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (बीएसयूएससी) ने संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के अंतिम परिणाम जारी कर दिए हैं। इस घोषणा से उच्च शिक्षा में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद जगी है।
आयोग ने अंग्रेजी, हिंदी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र जैसे छह प्रमुख विषयों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की है। इसके साथ ही, सभी श्रेणीवार कटऑफ अंक भी प्रकाशित किए गए हैं। कुल 2532 विज्ञापित पदों में से 2498 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया है।






छह विषयों में 2498 अभ्यर्थियों का चयन: जानें प्रक्रिया
इन सभी छह विषयों में प्रत्येक के लिए 422-422 पद निर्धारित किए गए थे। अभ्यर्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता के अंकों और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई संयुक्त मेरिट सूची के अनुसार किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के अधीन स्थापित इन 211 नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आयोग ने 3 जुलाई को विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद, सभी विषयों के साक्षात्कार 21 से 26 जुलाई के बीच आयोजित किए गए थे।
किस विषय में कितना रहा कटऑफ? हिंदी ने सबको चौंकाया
जारी किए गए परिणामों के अनुसार, अनारक्षित वर्ग में हिंदी विषय का कटऑफ सबसे अधिक 81.3 अंक रहा है। इसके बाद, राजनीति विज्ञान में 79.2 अंक, इतिहास में 78.7 अंक, समाजशास्त्र में 78.3 अंक, अर्थशास्त्र में 76.6 अंक और अंग्रेजी में 76.5 अंक कटऑफ रहा। आयोग ने सभी आरक्षण श्रेणियों के लिए विषयवार चयन सूची और कटऑफ अंक भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए हैं।
“अनारक्षित वर्ग में हिंदी विषय का कटऑफ सबसे अधिक 81.3 अंक रहा। इसके बाद राजनीति विज्ञान में 79.2, इतिहास में 78.7, समाजशास्त्र में 78.3, अर्थशास्त्र में 76.6 और अंग्रेजी में 76.5 अंक कटऑफ रहा।”
कई विषयों में पद रहे रिक्त, क्या है वजह?
हालांकि बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं, कुछ विषयों में पद खाली भी रह गए हैं। अंग्रेजी में 9, अर्थशास्त्र में 11, समाजशास्त्र में 10 और हिंदी में 4 पद रिक्त रह गए हैं। समाजशास्त्र में अनारक्षित (UR), पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के एक-एक पद को आयोग ने फिलहाल होल्ड पर रखा है। योग्य अभ्यर्थियों की अनुपलब्धता के कारण कई आरक्षित श्रेणियों के पद भी खाली रह गए। उदाहरण के लिए, समाजशास्त्र में अनुसूचित जनजाति (ST) का एक पद नहीं भरा जा सका। वहीं, दिव्यांग श्रेणी में श्रवण बाधित (DD) के 6 और दृष्टि बाधित (VI) के 3 पद भी योग्य उम्मीदवार नहीं मिलने के कारण रिक्त रह गए। अन्य विषयों में भी बहु-दिव्यांग (MD) समेत कुछ विशेष आरक्षित श्रेणियों के पद खाली रहे।
आगे क्या: विश्वविद्यालयों को भेजी जाएगी मेरिट सूची
आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन और दिशा-निर्देशों के अनुरूप ऑनलाइन आवेदन नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई है। चयनित अभ्यर्थी आयोग की अधिसूचनाओं में विषयवार चयन सूची, आरक्षण श्रेणीवार कटऑफ और अपने रोल या फॉर्म नंबर देख सकते हैं। परिणाम जारी होने के बाद अब संबंधित विश्वविद्यालयों को मेरिट सूची भेजी जाएगी। इसके साथ ही, नए डिग्री कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा को बल मिलेगा।








