Darbhanga Sawan: सावन के पवित्र माह की पहली सोमवारी पर दरभंगा में शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है। जिले के जाले प्रखंड स्थित ब्रह्मपुर पश्चिमी पंचायत के पौराणिक गौतमाश्रम के सप्तकुंड से पवित्र जल लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु रतनपुर के गंगेश्वरस्थान शिवालय के लिए प्रस्थान कर चुके हैं। इनमें कई श्रद्धालु दंड प्रणाम करते हुए अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं, तो अन्य भक्त पैदल, बाइक और चारपहिया वाहनों से यात्रा कर रहे हैं। शिवभक्तों की यह यात्रा क्षेत्र में भक्तिमय माहौल का संचार कर रही है।
सावन की पहली सोमवारी पर जाले में दिखा अद्भुत नजारा! दंड प्रणाम करते गंगेश्वरस्थान पहुंचे हजारों शिवभक्त
Bihar Sawan: सावन के पावन महीने की पहली सोमवारी पर बिहार के शिवालयों में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। दरभंगा जिले के जाले प्रखंड में भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए हजारों शिवभक्त गौतमाश्रम के सप्तकुंड से पवित्र जल लेकर गंगेश्वरस्थान की ओर बढ़ रहे हैं। इनमें कई श्रद्धालु तो दंड प्रणाम करते हुए कठिन यात्रा पर निकले हैं, जिनकी भक्ति हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रही है।







दंड प्रणाम की कठिन यात्रा
दर्जनों शिवभक्तों ने 30 जुलाई की शाम को अपने-अपने घरों से गौतमाश्रम के लिए प्रस्थान किया था। रात्रि विश्राम के बाद, 31 जुलाई की अहले सुबह स्नान-ध्यान कर उन्होंने गौतमाश्रम स्थित राम पंचायतन में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सूर्योदय होते ही, इन शिवभक्तों ने दंड प्रणाम करते हुए गंगेश्वरस्थान के लिए अपनी पैदल यात्रा शुरू की। यह यात्रा शिव के प्रति उनके गहरे समर्पण को दर्शाती है।
उत्साह और भक्ति में डूबे हजारों श्रद्धालु
दंड प्रणाम करने वाले भक्तों के साथ-साथ, रतनपुर, ब्रह्मपुर, सोतिया और कछुआ समेत आसपास के कई गांवों से हजारों अन्य श्रद्धालु भी गंगेश्वरस्थान पहुंच रहे हैं। ये भक्त पैदल, बाइक और चारपहिया वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिससे पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बन गया है। एक अगस्त की शाम तक सभी श्रद्धालु रतनपुर की सीमा में प्रवेश कर चुके थे और रविवार को वे रतनपुर गांव से गुजरते हुए लगातार आगे बढ़ रहे थे। सावन के इस पावन अवसर पर बिहार में शिवभक्तों का यह उत्साह देखते ही बन रहा है।
सावन की पहली सोमवारी पर ये सभी शिवभक्त रतनपुर स्थित गंगेश्वरस्थान शिवालय में अपने आराध्य देव देवाधिदेव महादेव का पवित्र जल से जलाभिषेक करेंगे। यह आयोजन बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करता है, जहां आस्था और भक्ति का संगम देखने को मिलता है।
गौतमाश्रम से गंगेश्वरस्थान तक आस्था का सैलाब
भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए गंगेश्वरस्थान की ओर बढ़ रहे इन शिवभक्तों में रतनपुर, ब्रह्मपुर, सोतिया और कछुआ समेत आसपास के कई गांवों के लोग शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, दंड प्रणाम करने वाले दर्जनों शिवभक्त 30 जुलाई की शाम को ही अपने घरों से गौतमाश्रम पहुंच गए थे। रात भर विश्राम करने के बाद, 31 जुलाई की सुबह स्नान-ध्यान कर उन्होंने गौतमाश्रम स्थित राम पंचायतन में पूजा-अर्चना की। सूर्योदय के बाद इन भक्तों ने दंड प्रणाम करते हुए गंगेश्वरस्थान के लिए अपनी कठिन यात्रा शुरू की।
दंड प्रणाम की कठिन तपस्या और शिवभक्तों का संकल्प
एक अगस्त की शाम तक सभी श्रद्धालु रतनपुर की सीमा में प्रवेश कर चुके थे। रविवार को भी वे रतनपुर गांव से होते हुए अपनी यात्रा जारी रखे हुए थे। यह दंड प्रणाम की तपस्या शिवभक्तों के अटूट संकल्प और श्रद्धा का प्रतीक है। इस यात्रा में शामिल सभी भक्त पहली सोमवारी के दिन रतनपुर स्थित गंगेश्वरस्थान शिवालय पहुंचकर अपने आराध्य देव देवाधिदेव महादेव को पवित्र जल से जलाभिषेक करेंगे। उनका मानना है कि इस कठिन तपस्या से भगवान शिव प्रसन्न होकर उनकी मनोकामनाएं पूरी करेंगे।
सावन की पहली सोमवारी पर गंगेश्वरस्थान में उमड़ने वाली भीड़ और भक्तों की अटूट श्रद्धा क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं को जीवंत कर रही है। जलाभिषेक के बाद श्रद्धालुओं की यह यात्रा संपन्न होगी, लेकिन उनकी भक्ति और समर्पण की कहानियां लंबे समय तक याद की जाएंगी।









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