Bihar Sanskrit University: कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (केएसडीएसयू) ने छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उपशास्त्री (सत्र 2026-28) के प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए एक बार फिर ऑनलाइन आवेदन का अवसर प्रदान किया है। अब वे छात्र-छात्राएं जो पहले आवेदन नहीं कर पाए थे, वे 03 अगस्त से 9 अगस्त तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध समर्थ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ निशिकांत ने बताया कि प्रथम चरण की नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी कई अंगीभूत एवं संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों में सीटें रिक्त रह गई थीं। इसी वजह से विश्वविद्यालय प्रशासन ने समर्थ पोर्टल को दोबारा खोलने का फैसला किया है।






क्यों मिला छात्रों को दूसरा मौका?
विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. पुरेंद्र वारिक द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि प्रथम चक्र की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अनेक महाविद्यालयों में सीटें खाली रह गई थीं। इसके अतिरिक्त, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों द्वारा पुनः आवेदन का अवसर देने की लगातार मांग की जा रही थी। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए, कुलपति के निर्देश पर दोबारा आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है, ताकि कोई भी योग्य अभ्यर्थी नामांकन से वंचित न रहे।
कब तक कर सकेंगे आवेदन और आगे की प्रक्रिया क्या?
विश्वविद्यालय के ओएसडी (शैक्षणिक) डॉ. रामसेवक झा ने बताया कि अधिकांश महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने प्रथम चरण के नामांकन की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी कर ली है। छात्रहित को प्राथमिकता देते हुए कुलपति के आदेश पर समर्थ पोर्टल को फिर से सक्रिय किया गया है। अब आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की मेधा और चॉइस (विकल्प) के आधार पर 10 अगस्त को मेरिट सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद रिक्त सीटों पर नामांकन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
शास्त्री और आचार्य पाठ्यक्रमों का क्या होगा?
समर्थ नोडल सह सूचना वैज्ञानिक डॉ. नरोत्तम मिश्र ने शास्त्री एवं आचार्य पाठ्यक्रमों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन दोनों पाठ्यक्रमों की मेरिट सूची तैयार कर ली गई है। जैसे ही संशोधित नामांकन शुल्क संरचना को सरकार से अनुमोदन प्राप्त होगा, संबंधित मेरिट सूची प्रकाशित कर नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी। इससे उन अभ्यर्थियों को भी शीघ्र राहत मिलने की उम्मीद है जो इन उच्चतर पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।








