Bihar MVI Attack: बिहार के किशनगंज जिले में सरकारी अधिकारी पर जानलेवा हमला और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है. जिला परिवहन कार्यालय में तैनात मोटरयान निरीक्षक (एमवीआई) रविंद्र कुमार राग पर 03 अगस्त को यांत्रिक जांच से लौटते समय 25 से 30 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया. आरोप है कि भीड़ ने सरकारी वाहन का रास्ता रोककर एमवीआई और उनके साथ मौजूद सिपाही को जबरन वाहन से नीचे उतारा, फिर उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया.
इस मामले में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. यह घटना बालू ढोने वाले वाहनों पर ओवरलोडिंग के चालान किए जाने से नाराज लोगों के विरोध का परिणाम बताई जा रही है.






सरकारी गाड़ी रोकी, फिर की मारपीट और अभद्र व्यवहार
जानकारी के अनुसार, एमवीआई रविंद्र कुमार राग पोठिया थाना कांड संख्या 315/25 में जब्त एक वाहन की यांत्रिक जांच के लिए पोठिया थाना गए थे. जांच पूरी करने के बाद वे सरकारी वाहन से किशनगंज लौट रहे थे. इसी दौरान बोमावस्ती गाछपाड़ा के पास सड़क के बीच एक ट्रैक्टर (संख्या BR37GA-7910) खड़ा करके उनकी गाड़ी का रास्ता रोक दिया गया.
एमवीआई द्वारा सदर थाना में दिए गए आवेदन के अनुसार, वाहन रुकते ही 25 से 30 स्थानीय लोग वहां पहुंच गए. आरोप है कि सभी ने उन्हें और उनके साथ मौजूद सिपाही को जबरन वाहन से बाहर निकाल लिया तथा गाली-गलौज करते हुए हाथापाई शुरू कर दी.
भीड़ बालू ढोने वाले वाहनों पर ओवरलोडिंग का चालान किए जाने से नाराज थी और इसी को लेकर विरोध जता रही थी. अधिकारी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया कि उस समय उन्होंने किसी वाहन को नहीं पकड़ा था, लेकिन आक्रोशित भीड़ शांत नहीं हुई.
जान से मारने की धमकी और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एमवीआई रविंद्र कुमार राग ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने और बालू खदान में गाड़ देने तक की धमकी दी. स्थिति बिगड़ती देख उन्होंने तत्काल सदर थानाध्यक्ष को फोन कर घटना की जानकारी दी. सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और अधिकारी व उनके साथ मौजूद कर्मी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
पुलिस ने मौके से अबू बकर, जो वार्ड संख्या-09, गाछपाड़ा निवासी अब्दुल लतीफ के पुत्र हैं, को हिरासत में लिया है. एमवीआई ने अपने आवेदन में अबू बकर, 25 से 30 अज्ञात लोगों और ट्रैक्टर संख्या BR37GA-7910 के मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि एमवीआई के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने इलाके में सरकारी अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.








