LNMU Sports Darbhanga: दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) में दो दिवसीय खेल प्रतियोगिता का भव्य समापन हो गया है। विश्वविद्यालय के गौरवशाली स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस ‘खेल महाकुंभ’ में शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मियों ने पूरे जोश, जज्बे और उत्साह के साथ भाग लिया। डॉ नागेन्द्र झा स्टेडियम में 02 एवं 03 अगस्त, 2026 को हुए इन आयोजनों ने यह साबित कर दिया कि खेल भावना उम्र और पद की सीमाओं से कहीं ऊपर होती है। प्रतिभागियों ने अपनी महीनों की मेहनत और जुनून को मैदान पर उतारा, जिससे पूरा परिसर उमंग और ऊर्जा से भर उठा।
स्नातकोत्तर क्रीड़ा परिषद् द्वारा आयोजित इस स्पर्धा का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों को खेल गतिविधियों से जोड़ना, उनके बीच आपसी सौहार्द, समन्वय और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना था। खेल के मैदान में दिखी यह एकजुटता और उत्साह विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत सकारात्मक और प्रेरणादायक है।






बैडमिंटन से टग ऑफ वॉर तक, किसने मारी बाजी?
प्रतियोगिता के दूसरे और अंतिम दिन खिलाड़ियों की ऊर्जा और दर्शकों की तालियों से स्टेडियम गूंजता रहा। बैडमिंटन के पुरुष वर्ग में रोमांचक फाइनल देखने को मिला, जहां कुलपति सचिवालय के डॉ सैयद मोहम्मद जमाल अशरफ ने नियुक्ति कोषांग के गौतम सिंह को कड़े मुकाबले में 2–0 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों ने पहले दिन लगातार तीन-तीन मुकाबले जीतकर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी।
ताकत, तालमेल और टीम भावना का बेहतरीन प्रदर्शन ‘टग ऑफ वॉर’ में देखने को मिला। पुरुष वर्ग में विश्वविद्यालय टीम ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी (WIT) की टीम को कड़ी टक्कर देते हुए चैंपियन का खिताब हासिल किया।
- पुरुष वर्ग विजेता विश्वविद्यालय टीम: अभिमन्यु कुमार, सुभाष कुमार मिश्रा, मो अयातुल्लाह, डॉ मनुराज शर्मा, गोपाल कुमार, राहुल रंजन, कृष्ण कुमार पासवान, अमन कुमार, विक्की कुमार, राजा बाबू राम एवं गौतम सिंह।
- पुरुष वर्ग उपविजेता डब्ल्यूआईटी टीम: अजय कुमार मिश्रा, सचिन राम, ध्रुव कुमार, दीपक राम, विपिन कुमार सिंह, लड्डू कुमार बैठा, संजीव कुमार, सुधीर कुमार झा, मोहन कुमार, रणधीर कुमार एवं लक्षण कुमार।
महिला वर्ग में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम डब्ल्यूआईटी टीम ने विश्वविद्यालय टीम को पराजित कर चैंपियन का खिताब जीता। डब्ल्यूआईटी की विजेता टीम में प्राची भारती, काजल कुमारी एवं डॉ चंद्रिका कुमारी की जोशीली टीम भावना देखने लायक थी। वहीं, विश्वविद्यालय की उपविजेता टीम में डॉ लक्ष्मी कुमारी, डॉ सुमनदीप कौर, डॉ सुनीता एवं डॉ निर्मला शामिल थीं।
उम्र का बंधन नहीं, म्यूजिकल चेयर में भी दिखा उत्साह
खेल भावना ने उम्र के बंधन को भी तोड़ दिया। 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के रोमांचक मुकाबले में विद्यानंद झा, डॉ दयानंद मेहता एवं सुरेश मंडल की अनुभवी तिकड़ी ने डॉ रवीन्द्र नारायण चौरसिया, कृष्ण मुरारी एवं डॉ अंजीत कुमार चौधरी की टीम को पछाड़कर यह साबित किया कि जोश की कोई उम्र नहीं होती। म्यूजिकल चेयर की मस्ती भरी और रंगारंग प्रतियोगिता ने पूरे स्टेडियम में हास्य और उल्लास का माहौल बना दिया। इसमें डॉ सुनीता कुमारी ने प्रथम, काजल कुमारी ने द्वितीय तथा चार्मिस मारीवाला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
स्नातकोत्तर क्रीड़ा परिषद् की अध्यक्ष डॉ प्रियंका राय ने कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘कुलपति की प्रेरणा, दूरदर्शी सोच एवं अनुमति से इस प्रकार के प्रेरणादायी खेल का सफल आयोजन संभव हो सका, जिसके लिए स्नातकोत्तर क्रीड़ा परिषद् परिवार हृदय से आभार व्यक्त करता है। दो दिनों तक चले इस आयोजन में प्रतिभागियों ने जिस उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना का परिचय दिया, वह विश्वविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत सकारात्मक एवं प्रेरणादायक है।’
डब्ल्यूआईटी के निदेशक प्रो अजय नाथ झा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की खेल प्रतियोगिताएं शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूआईटी के कर्मियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
पांच अगस्त को होगा सम्मान समारोह, खेल संस्कृति होगी मजबूत
डॉ प्रियंका राय ने बताया कि प्रतियोगिता के सभी विजेता एवं उप-विजेता प्रतिभागियों को 05 अगस्त, 2026 को विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर जुबिली हॉल में सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने इस सम्मान समारोह को विश्वविद्यालय परिवार में खेल-संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रो अजय नाथ झा ने इस सफल आयोजन के लिए स्नातकोत्तर क्रीड़ा परिषद् को बधाई देते हुए भविष्य में भी इस प्रकार की खेल गतिविधियों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
यह दो दिवसीय भव्य खेल महोत्सव विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और सदस्यों के बीच सौहार्द एवं समन्वय को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में याद किया जाएगा।








