Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर से सोनबरसा (नेपाल सीमा) तक बहुप्रतीक्षित फोरलेन हाईवे परियोजना ने आखिरकार गति पकड़ ली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। NHAI ने परियोजना की विस्तृत डिजाइन रिपोर्ट (DDR) और सामान्य व्यवस्था ड्राइंग (GAD) रेलवे अधिकारियों को अनुमोदन के लिए सौंप दी है। रेलवे अधिकारियों ने भी प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) स्थल और रेलवे ट्रैक से सटे क्षेत्रों का भौतिक निरीक्षण किया है।
बढ़ गई परियोजना की लागत
तकनीकी चुनौतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण यह परियोजना लगभग तीन से चार साल तक विलंबित रही है। इस देरी के कारण, परियोजना की अनुमानित लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रारंभिक अनुमानित 2,500 करोड़ रुपये से बढ़कर अब यह 3,590.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में भी इस परियोजना पर चर्चा की गई थी, और जल्द ही वित्तीय आवंटन के लिए अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है।






भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाएं तेज
फोरलेन हाईवे के निर्माण के लिए मुजफ्फरपुर और सोनबरसा के बीच 472 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पहले ही किया जा चुका है। NHAI ने जिला प्रशासन के समन्वय से अधिग्रहित भूमि का सर्वेक्षण और सीमांकन प्रक्रिया पूरी कर ली है। मुजफ्फरपुर जिले के कुछ शेष भूमि पार्सल से संबंधित दस्तावेजीकरण का कार्य अभी भी चल रहा है। वन विभाग ने प्रस्तावित संरेखण के साथ सड़क किनारे पेड़ों का मूल्यांकन पूरा कर लिया है और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। जल्द ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी होने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों और वन विभाग से मंजूरी मिलते ही NHAI परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने की उम्मीद है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
यह फोरलेन हाईवे मुजफ्फरपुर और भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सोनबरसा के बीच सड़क संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बेहतर बनाएगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों तथा माल की आवाजाही सुगम होगी। इस परियोजना से उत्तरी बिहार में परिवहन के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और नेपाल सीमा के साथ कनेक्टिविटी बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।








