Bihar Rain Alert: इन दिनों बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कई जिलों में रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। इसी बीच, मौसम विभाग ने आज पूरे राज्य के लिए अलर्ट जारी किया है। राज्य के ज्यादातर जिलों में येलो अलर्ट है, जबकि कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में दिनभर मौसम खराब रहने की संभावना है।
इन 10 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज बिहार के 10 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। लोगों को ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।






मौसम विभाग की माने तो, पूर्वी चंपारण, वैशाली, समस्तीपुर, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सीवान, सारण, भोजपुर और बक्सर में भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट आने से उमस वाली गर्मी से काफी हद तक राहत मिली है। हालांकि, ठनका गिरने की घटनाओं में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जो चिंता का विषय है।
मौसम पर वैज्ञानिकों की राय और आगे का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसूनी ट्रफ फिलहाल सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है। साथ ही, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाएं बिहार की ओर बढ़ रही हैं। नमी की अधिकता और स्थानीय स्तर पर तेजी से बादल बनने के कारण बारिश हो रही है, जिसके साथ तेज हवा और बिजली गिरने की भी स्थिति बन रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रह सकता है। रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। कुछ जिलों में इसका प्रभाव अधिक तो कुछ में कम रह सकता है। 5 और 6 अगस्त को भी उत्तर और दक्षिण बिहार के कई जिलों में दिनभर मौसम बिगड़ा रहने की संभावना जताई गई है।
बारिश की कमी अब भी बरकरार
जानकारी के अनुसार, राज्य में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 422 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 299 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है। इस तरह से लगभग 43 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है, जिससे इस कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकता है।








