Bihar Cabinet: बिहार में न्यायिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में Bihar कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. सम्राट चौधरी कैबिनेट ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 से जुड़े लंबित मुकदमों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा ऐलान किया है. राज्य के 19 जिलों में 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालय स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है. आज मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 17 एजेंडों पर मुहर लगी
सरकार का मानना है कि इस पहल से पीड़ितों को समय पर न्याय मिल पाएगा. यह कदम न्याय तक आसान और त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा.






बिहार के लिए 17 महा-सौगातें: कैबिनेट ने खोले विकास के द्वार, हर बिहारी को मिलेगा सीधा लाभ!
Bihar Cabinet: बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बिहार कैबिनेट ने उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, शहरी विकास और न्यायपालिका से संबंधित 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अपनी मंजूरी दे दी है। इन फैसलों से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की नई दिशा तय होगी और आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। कैबिनेट की मुहर के बाद, नए सरकारी पदों का सृजन होगा, जल आपूर्ति परियोजनाओं को विस्तार मिलेगा, विशेष न्यायालयों का दायरा बढ़ेगा और राजगीर में एक अत्याधुनिक खेल विज्ञान केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और पुरातत्व विभाग में नए पद
बिहार कैबिनेट ने उद्योग विभाग के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) निदेशालय के लिए कुल 106 नए पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की है। यह निर्णय राज्य में छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने तथा रोजगार के अवसर पैदा करने में सहायक होगा।
इसके साथ ही, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अधीन पुरातत्व निदेशालय में स्वीकृत 16 तकनीकी पदों में से 12 पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई है, जिससे विभाग के कार्यों को गति मिल सकेगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े बदलाव
शिक्षा के क्षेत्र में, कैबिनेट ने पूर्वी चंपारण के पीपराकोठी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय को सरकारी भूमि 30 साल के पट्टे पर देने का अनुमोदन किया है। इस पट्टे को आगे नवीनीकृत करने का विकल्प भी होगा।
इसके अतिरिक्त, भारत सरकार के ज्ञान भारतम मिशन के तहत सर्वेक्षण की गई पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडेटा निर्माण के लिए एक योजना को भी मंत्रिपरिषद ने अपनी मंजूरी दी है।
स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से, कैबिनेट ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर 16 मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज भी शामिल हैं, के विकास और संचालन के लिए PwC को लेनदेन सलाहकार (Transaction Advisor) नियुक्त करने को प्रशासनिक स्वीकृति दी है। सरकार का मानना है कि इस पहल से पूरे राज्य में आधुनिक चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच में सुधार होगा।
राजगीर में खेल विज्ञान केंद्र और पेयजल परियोजनाएं
बिहार कैबिनेट ने राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में एक खेल विज्ञान केंद्र की स्थापना, संचालन और रखरखाव को मंजूरी दी है। यह प्रस्तावित सुविधा एक उच्च प्रदर्शन खेल प्रशिक्षण और चोट प्रबंधन केंद्र के रूप में कार्य करेगी, जो आधुनिक तकनीक और विशेष मानव संसाधनों से लैस होगी।
शहरी केंद्रों में सुरक्षित और नियमित पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए, अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT 2.0) के तहत दो प्रमुख पेयजल परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है।
| परियोजना का नाम | अनुमोदित राशि |
|---|---|
| जमालपुर जल आपूर्ति परियोजना | 102.22 करोड़ रुपये |
| मुंगेर जल आपूर्ति परियोजना | 177.72 करोड़ रुपये |
इन परियोजनाओं से मुंगेर और जमालपुर दोनों शहरी क्षेत्रों में पेयजल की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
न्याय व्यवस्था का विस्तार और हर घर तिरंगा अभियान
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामलों के त्वरित निपटान के लिए, कैबिनेट ने 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। यह कदम लंबित मामलों की संख्या को कम करने और न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद करेगा।
ये नए न्यायालय निम्नलिखित जिलों में स्थापित किए जाएंगे:
- पश्चिम चंपारण (बेतिया)
- मधुबनी
- भोजपुर (आरा)
- सीवान
- अररिया
- सुपौल
- खगड़िया
- जहानाबाद
- बक्सर
- जमुई
- कैमूर (भभुआ)
- कटिहार
- सीतामढ़ी
- मुंगेर
- मधेपुरा
- बांका
- शेखपुरा
- औरंगाबाद
- लखीसराय
इन न्यायालयों के सुचारू संचालन के लिए कैबिनेट ने 171 गैर-राजपत्रित पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने ‘हर घर तिरंगा 2026’ अभियान में राज्य की भागीदारी को भी अपनी स्वीकृति दी है। सरकार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान को बढ़ावा देना है, साथ ही पूरे बिहार में व्यापक सार्वजनिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लिए गए इन व्यापक फैसलों से बिहार में विकास की गति तेज होगी और विभिन्न क्षेत्रों में आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से राज्य में एक नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
न्याय व्यवस्था में बड़ा सुधार: 171 नए पद स्वीकृत
इन विशेष न्यायालयों के सुचारु संचालन के लिए भी ठोस व्यवस्था की गई है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालयों में अराजपत्रित श्रेणी के कुल 171 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई है. इन पदों के सृजन से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और मामलों का निपटारा अधिक प्रभावी तरीके से हो पाएगा.
“यह निर्णय एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करेगा. साथ ही पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा और न्यायिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह, प्रभावी एवं संवेदनशील बनेगी.”
किन जिलों में खुलेंगे ये विशेष न्यायालय?
ये 19 अतिरिक्त अनन्य विशेष न्यायालय राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य ऐसे मामलों को स्थानीय स्तर पर ही तेजी से निपटाना है, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों के पीड़ितों को भी आसानी से न्याय मिल सके.
- पश्चिम चंपारण (बेतिया)
- मधुबनी
- भोजपुर (आरा)
- सिवान
- अररिया
- सुपौल
- खगड़िया
- जहानाबाद
- बक्सर
- जमुई
- कैमूर (भभुआ)
- कटिहार
- सीतामढ़ी
- मुंगेर
- मधेपुरा
- बांका
- शेखपुरा
- औरंगाबाद
- लखीसराय
इन जिलों में न्यायालयों की स्थापना से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों को अत्याचार के मामलों में न्याय के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. यह फैसला बिहार में सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
पीड़ितों को मिलेगा त्वरित न्याय
सम्राट चौधरी कैबिनेट के इस फैसले से न्यायिक व्यवस्था अधिक जवाबदेह, प्रभावी और संवेदनशील बनेगी. लंबित मुकदमों का बोझ कम होगा और पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत मिल सकेगी. यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह समाज के कमजोर वर्गों को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने के लिए प्रयासरत है. पढ़िए विस्तार से
बिहार कैबिनेट के 17 बड़े फैसले: MSME में नए पद, खेल विज्ञान केंद्र, जलापूर्ति, हेली-टूरिज्म और स्वास्थ्य परियोजनाओं को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, खेल, पर्यटन, न्याय व्यवस्था और आधारभूत संरचना से जुड़े 17 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
1. MSME निदेशालय का पुनर्गठन
उद्योग विभाग के अधीन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) निदेशालय में पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई। मुख्यालय एवं क्षेत्रीय स्तर के पदों का पुनर्संयोजन कर कुल 106 पदों की नई संरचना तैयार की जाएगी, जिससे विभागीय कार्यों में दक्षता बढ़ेगी।
2. पुरातत्व निदेशालय में संविदा नियुक्तियां
कला एवं संस्कृति विभाग के पुरातत्व निदेशालय में 12 तकनीकी पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक अथवा 11 माह के लिए संविदा के आधार पर नियुक्ति की स्वीकृति दी गई।
3. ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण
भारत सरकार की फ्लैगशिप योजना “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडाटा निर्माण के लिए 6.23 करोड़ रुपये के प्रशासनिक व्यय को मंजूरी मिली।
4. राजगीर में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर
राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण एवं इंजरी सेंटर (स्पोर्ट्स साइंस सेंटर) स्थापित करने के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण मिलेगा।
5. जमालपुर जलापूर्ति योजना
अमृत 2.0 योजना के तहत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
6. मुंगेर जलापूर्ति परियोजना
अमृत 2.0 के तहत मुंगेर जलापूर्ति परियोजना (फेज-1) के लिए 177.72 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
7. बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF)
नवादा जिले में लगभग 43.98 एकड़ सरकारी भूमि बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (BISF) की स्थापना के लिए गृह विभाग को नि:शुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई।
8. NDPS मामलों के लिए विशेष न्यायालय
पूर्णिया, भागलपुर और गया में NDPS अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालयों के गठन तथा 27 नए पदों के सृजन को मंजूरी मिली।
9. SC/ST अत्याचार मामलों के लिए 19 विशेष न्यायालय
राज्य के विभिन्न जिलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालय तथा 171 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई।
10. बाल संरक्षण गृहों की सुरक्षा
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित बाल संरक्षण गृहों और सुरक्षित स्थलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती तथा लगभग 14.53 करोड़ रुपये के वार्षिक व्यय को मंजूरी दी गई।
11. आयुर्वेदिक कॉलेज में सुपरन्यूमेरेरी पद
राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना में दो सुपरन्यूमेरेरी पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई।
12. आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली 2026
बिहार आयुष चिकित्सा सेवा से संबंधित संशोधित नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।
13. बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय
बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के प्रशासनिक कार्यों के लिए 6 नए पदों के सृजन को स्वीकृति मिली।
14. बिहार हेली-टूरिज्म योजना 2026
पर्यटकों को हवाई पर्यटन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा संचालित करने संबंधी प्रस्ताव तथा आवश्यक व्यय को मंजूरी दी गई।
15. 16 मेडिकल कॉलेजों के लिए PWC का चयन
सात निश्चय-3 के अंतर्गत 16 ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के संचालन हेतु ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में PricewaterhouseCoopers (PWC) का चयन किया गया। इस पर 8.27 करोड़ रुपये खर्च की स्वीकृति दी गई।
16. केंद्रीय विद्यालय के लिए भूमि
पूर्वी चंपारण जिले में नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को 30 वर्षों की अवधि हेतु सरकारी भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
17. हर घर तिरंगा अभियान 2026
“हर घर तिरंगा अभियान 2026” के सफल आयोजन के लिए 6.12 करोड़ रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई।
प्रमुख निष्कर्ष
बिहार कैबिनेट के इन फैसलों का मुख्य फोकस रोजगार सृजन, उद्योग, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, खेल अवसंरचना, न्याय व्यवस्था को मजबूत करना, जलापूर्ति, पर्यटन विकास तथा राष्ट्रीय अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन पर रहा।








