Gaya Health News: बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। गया स्थित अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (ANMMCH) के पुनर्निर्माण और समग्र विकास के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने अस्पताल के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान की समीक्षा बैठक की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, विभागीय अधिकारी और कार्यदायी एजेंसियां शामिल थीं। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य अस्पताल के पुनर्विकास, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से उपलब्ध कराना था।






मगध क्षेत्र को मिलेगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मास्टर प्लान को केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाए। उन्होंने जोर दिया कि मरीजों की बढ़ती संख्या, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों और मेडिकल शिक्षा की बदलती आवश्यकताओं को देखते हुए अस्पताल का विकास दीर्घकालिक दृष्टिकोण से किया जाना चाहिए।
मंत्री ने निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता, पारदर्शिता और तय समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि निर्माण गतिविधियों के दौरान अस्पताल की उपचार सेवाएं किसी भी स्थिति में प्रभावित न हों।
दीर्घकालिक दृष्टिकोण से अस्पताल का विकास
समीक्षा बैठक में मास्टर प्लान के विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। योजना के तहत बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) मेडिकल छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस नए छात्रावासों का निर्माण करेगा। अस्पताल परिसर में एक अत्याधुनिक मॉर्चरी कॉम्प्लेक्स भी बनाया जाएगा।
- मेडिकल छात्रों के लिए नए, आधुनिक छात्रावास
- अत्याधुनिक मॉर्चरी कॉम्प्लेक्स का निर्माण
- पुराने छात्रावासों की व्यापक मरम्मत और उन्नयन
- परिसर की विद्युत व्यवस्था को मजबूत करना
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एएनएमएमसीएच मगध क्षेत्र का एक प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान है और भविष्य में इसे सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की योजना है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गया और आसपास के जिलों के लोगों को गंभीर एवं जटिल बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर मिलेंगी, जिससे रेफरल मामलों में कमी आएगी और इलाज में लगने वाला समय तथा आर्थिक खर्च भी घटेगा।
मरीजों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं का विस्तार
बैठक के दौरान अस्पताल के विभागवार क्लीनिकल प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, ANMMCH में 36,155 मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया। इसी अवधि में 2,965 मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया गया। अस्पताल की आपातकालीन सेवा में 1,166 मरीजों का इलाज हुआ। इसके अतिरिक्त, 460 बड़े और 2,693 छोटे ऑपरेशन किए गए। विभाग ने इन आंकड़ों को अस्पताल की बढ़ती सेवा क्षमता का संकेत बताया।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को अस्पताल परिसर में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, ऑपरेशन थिएटर और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन के लिए मजबूत विद्युत व्यवस्था आवश्यक है। इसलिए मास्टर प्लान में आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाए।
बैठक के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य पूरे मगध क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के अनुरूप सभी कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और परियोजना को तय समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।








