Araria Bribe: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में अररिया में उद्योग विभाग के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मंडल को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। निगरानी विभाग की टीम ने यह कार्रवाई महाप्रबंधक के किराए के आवास पर की, जिसके बाद उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। इस गिरफ्तारी से सरकारी महकमों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक बार फिर से गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई एक मशीन सप्लायर कमरे आलम की शिकायत पर की गई। कमरे आलम ने आरोप लगाया था कि मशीनों की आपूर्ति के एवज में महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल द्वारा उनसे कमीशन की मांग की जा रही थी।





रिश्वत की मांग और रंगेहाथ गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, उद्योग विभाग के महाप्रबंधक अनिल कुमार मंडल पर मशीन सप्लायर से 85 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप था। इसी शिकायत के आधार पर निगरानी विभाग ने जाल बिछाया। महाप्रबंधक को उनके अररिया स्थित किराए के आवास पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है।
निगरानी विभाग के डीएसपी सतीश चंद्र माधव ने बताया, “मशीन सप्लायर कमरे आलम ने महाप्रबंधक के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मशीनों की आपूर्ति के एवज में महाप्रबंधक द्वारा कमीशन की मांग की जा रही थी।”
भ्रष्टाचार पर निगरानी विभाग की बड़ी चोट
अनिल कुमार मंडल की गिरफ्तारी के बाद उनसे आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि निगरानी विभाग सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार सक्रिय है। इस तरह की कार्रवाई से ईमानदार अधिकारियों का मनोबल बढ़ता है और भ्रष्ट तत्वों में भय पैदा होता है।
यह गिरफ्तारी बिहार में सुशासन और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद है कि इस कार्रवाई से अन्य अधिकारियों को भी सबक मिलेगा और वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार से दूर रहेंगे। निगरानी विभाग ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा पद क्यों न संभाल रहा हो।







