Bihar Snakebite Death: बिहार के दरभंगा जिले में सर्पदंश से एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के केवटगामा गांव में शुक्रवार देर रात बिसैले सांप के डसने से एक 42 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है, क्योंकि वह अपने परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था।
रात में सांप ने डसा, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
मृतक की पहचान पूर्वी प्रखंड के केवटगामा निवासी स्वर्गीय राजेन्द्र मुखिया के 42 वर्षीय पुत्र रंजीत मुखिया के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर रात रंजीत अपने घर में सो रहा था, तभी एक बिसैले सांप ने उसे काट लिया। सांप के काटने से उसकी नींद खुली और उसने तुरंत अपनी पत्नी कमल देवी को इसकी जानकारी दी। आनन-फानन में परिजन उसे गांव के एक भगत के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए। हालांकि, तबीयत बिगड़ने पर उसे कुशेश्वरस्थान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया।





सीएचसी के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के नाम पर केवल एक सूई दी और उसे बेहतर इलाज के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) रेफर कर दिया। लेकिन, दुर्भाग्यवश रंजीत ने डीएमसीएच पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बावजूद परिजन उसे लेकर डीएमसीएच पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, प्रशासन ने दिया सहायता का आश्वासन
रंजीत की मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने रात में ही शव को वापस गांव ले आए। मृतक की पत्नी कमल देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। रंजीत के परिवार में दो अविवाहित पुत्र और एक विवाहित पुत्री है। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। घर के कमाऊ सदस्य की मौत से विधवा पत्नी और बच्चों के सामने अब जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।
घटना की सूचना मिलने पर पंचायत के सरपंच ने शनिवार सुबह स्थानीय थाना और अंचल प्रशासन को जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर नम आंखों से उसका अंतिम संस्कार किया गया।
सीओ राकेश रोशन भारती ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सरकारी नियमानुसार अनुग्रह राशि दी जाएगी।
प्रशासन ने पीड़ित परिवार को सरकारी नियमानुसार अनुग्रह राशि देने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश से होने वाली मौतों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान खींचा है।







