Patna University: हाल ही में पटना यूनिवर्सिटी में आयोजित दीक्षांत समारोह में छात्रों की प्रतिभा को सम्मानित किया गया। इस भव्य आयोजन में 38 मेधावी छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल प्रदान किए गए, जबकि कुल 1,460 स्नातकोत्तर और पीएचडी छात्रों को उनकी डिग्रियां मिलीं। यह समारोह छात्रों के अकादमिक सफर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।






हालांकि, पटना विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में छात्रों ने मंच पर डिग्री दिए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया। जिसके चलते राज्यपाल बिना संबोधन के ही लौट गए। इस दौरान 38 टॉपरों को गोल्ड मेडल सहित कुल 1305 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई, जिनमें 155 पीएचडी धारक थे।

पटना यूनिवर्सिटी में बड़ा बवाल! छात्रों के हंगामे के बाद राज्यपाल बीच कार्यक्रम से लौटे
Patna University Convocation: पटना विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब मंच पर डिग्री दिए जाने की मांग को लेकर छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण राज्यपाल सह कुलाधिपति सैय्यद अता हसनैन को अपना संबोधन बीच में ही छोड़कर लौटना पड़ा। शनिवार, 8 अगस्त 2026 को पटना वीमेंस कॉलेज के मदर वेरोनिका ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों की नाराजगी स्पष्ट देखने को मिली।

छात्रों के हंगामे से बाधित हुआ समारोह
दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों ने मंच पर बुलाकर उपाधि दिए जाने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों के इस हंगामे के चलते मुख्य अतिथि राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन को अपना संबोधन बीच में ही रोकना पड़ा और वे बिना भाषण दिए ही कार्यक्रम स्थल से चले गए। इस घटना से समारोह में मौजूद अन्य गणमान्य व्यक्ति और छात्र हैरान रह गए।
छात्रों के हंगामे के कारण राज्यपाल ने बीच में छोड़ा कार्यक्रम। मंच पर केवल गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी धारकों को डिग्री मिली।
किसे मिली मंच पर उपाधि और सम्मान?
समारोह में कुल 1305 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई, जिनमें 155 पीएचडी डिग्री धारक भी शामिल थे। हालांकि, मंच पर केवल गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले और पीएचडी डिग्री धारकों को ही उपाधि दी गई। पीजी सत्र 2023-25 के कुल 38 टॉपरों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इन स्वर्ण पदक विजेताओं में छात्राओं का दबदबा रहा:
- स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली छात्राएं: 28
- स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले छात्र: 10
राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने इन मेधावी छात्रों को स्वयं पदक प्रदान किए। छात्रों की मांग थी कि सभी उपाधि प्राप्त करने वालों को मंच पर बुलाकर डिग्री दी जाए, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने केवल विशिष्ट श्रेणी के छात्रों को ही यह सम्मान दिया, जिससे विवाद और बढ़ गया।

आगे क्या? छात्रों में नाराजगी बरकरार
इस घटना से पटना विश्वविद्यालय के छात्रों में नाराजगी अभी भी बरकरार है। राज्यपाल के इस तरह कार्यक्रम छोड़कर जाने से विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। आगामी दिनों में छात्र संगठन इस मुद्दे को लेकर आगे भी अपनी आवाज उठा सकते हैं, जिससे विश्वविद्यालय के अंदर और बाहर तनाव की स्थिति बनी रह सकती है।
भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन
पटना वीमेंस कॉलेज के वेरोनिका ऑडिटोरियम में पटना यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर वर्ष 2023-25 के पीजी सत्र के 38 छात्रों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। इनमें 28 छात्राएं और 10 छात्र शामिल थे, जिन्होंने अपनी-अपनी कक्षाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
समारोह में कुल 1,305 स्नातकोत्तर छात्रों और 155 पीएचडी शोधार्थियों को उनकी उपाधियां प्रदान की गईं। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की अध्यक्षता पटना यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सह राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने की, जिन्होंने छात्रों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कुलपति पूनम टंडन ने छात्रों को किया संबोधित
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने स्नातक हुए छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें प्रेरित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रोफेसर टंडन 4 सितंबर, 2023 से डीडीयू विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में कार्यरत हैं।
वह एक भौतिक विज्ञानी और प्रोफेसर हैं, जो स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में अपने गहन शोध के लिए जानी जाती हैं। उनका अकादमिक और शोध योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप और शोध पहचान
प्रोफेसर पूनम टंडन के अकादमिक कार्य में 250 से अधिक शोध पत्र और 32 से अधिक पुस्तक अध्याय शामिल हैं। उनके शोध कार्यों को विश्व स्तर पर 4,000 से अधिक उद्धरण (साइटेशन) प्राप्त हुए हैं, जो उनकी अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाता है। उन्होंने पीएचडी और शोध कार्यक्रमों में कई छात्रों का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन किया है।
उन्हें कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप भी मिली हैं, जिनमें फुलब्राइट-नेहरू फेलोशिप, अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फेलोशिप (जर्मनी), जेएसपीएस फेलोशिप (जापान), सीएनआरएस फेलोशिप (फ्रांस) और आईसीटीपी फेलोशिप प्रमुख हैं। उन्हें अपने अकादमिक और शोध योगदान के लिए यूजीसी रिसर्च अवार्ड और मिड-करियर अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
पटना यूनिवर्सिटी का यह दीक्षांत समारोह छात्रों के लिए एक प्रेरणादायक अवसर रहा, जिसने उन्हें भविष्य में उच्च लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रोत्साहित किया। इन सम्मानित छात्रों और शोधार्थियों से उम्मीद है कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए करेंगे, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में बिहार का मान बढ़ेगा।









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