Bhagalpur NH 80: भागलपुर के भागलपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 80 (NH 80) पर स्थित कुआ पुल बंद होने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। जिला प्रशासन के आदेश के बाद इस जर्जर पुल पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया गया है। पिछले पांच दिनों से पुल पर आवाजाही ठप होने के कारण लोगों को 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर कहलगांव पहुंचना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
जर्जर पुल की अनदेखी और वर्तमान स्थिति
कहलगांव के विधायक ने पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र से मुलाकात कर कुआ पुल की क्षतिग्रस्त स्थिति से अवगत कराया था। इसके बाद केंद्रीय पथ निर्माण मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर इंजीनियरों की एक टीम ने पुल का निरीक्षण किया। विधायक का कहना है कि वर्ष 2021 में जब NH 80 के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था, तभी इस पुल की अनदेखी की गई। उस समय के अधिकारियों और राजनेताओं ने इसकी जर्जर स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके परिणामस्वरूप आज यह पुल पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।





कहलगांव विधायक ने कहा, ‘अगर यह पुल ध्वस्त हो जाता तो यहां फिर से बेली ब्रिज का निर्माण करना पड़ता। लेकिन अब एक महीने के भीतर इसकी मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।’
आम जनता और व्यापारियों पर गहरा असर
पुल बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्रों, व्यापारियों और आम लोगों को हो रही है। छात्रों को स्कूल पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है, वहीं व्यापारियों को अपने माल की ढुलाई में भारी दिक्कतों और अतिरिक्त लागत का सामना करना पड़ रहा है। 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करने से समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय लोग और नेता लगातार प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं ताकि यह परेशानी कम हो सके।
मरम्मत और भविष्य की योजना
अधिकारियों के अनुसार, एक महीने के भीतर कुआ पुल की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। मरम्मत के बाद छोटे वाहनों को इस पुल से गुजरने की अनुमति दी जाएगी, जबकि बड़े वाहन फोरलेन पर आवाजाही कर सकेंगे। इस कदम से NH 80 पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तब तक 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना उनकी मजबूरी बनी रहेगी।







