Darbhanga Court: बिहार के दरभंगा सिविल कोर्ट ने सोमवार को गंभीर अपराधों में संलिप्त छह आरोपियों को बड़ा झटका दिया है। दो अलग-अलग अदालतों ने अपहरण, डकैती और रंगदारी मांगने जैसे मामलों में दायर सभी जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब इन अभियुक्तों को जमानत के लिए पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
अपहरण के आरोपी राकेश झा को नहीं मिली जमानत
दरभंगा सिविल कोर्ट के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार की अदालत ने नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोपी राकेश झा की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी राकेश झा नेहरा थानाक्षेत्र के महरैल गांव का निवासी है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने अदालत को बताया कि राकेश झा नेहरा थानाकांड संख्या 75/26 के तहत 9 जुलाई से काराधीन है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे कोई राहत नहीं दी।

डकैती और रंगदारी के मामलों में भी राहत नहीं
एडीजे नीरज कुमार की अदालत ने डकैती के एक अन्य मामले में भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मनीगाछी थानाकांड संख्या 240/23 के अभियुक्त कन्हैया राय की अग्रिम जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया। कन्हैया राय मकरन्दा गांव का रहने वाला है और उस पर डकैती का आरोप है।
इसके अतिरिक्त, अपर सत्र न्यायाधीश आदिदेव की अदालत ने रंगदारी मांगने और नहीं देने पर जानलेवा हमला करने के एक मामले में चार अभियुक्तों की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी। हायाघाट थानाकांड संख्या 103/26 से जुड़े इस मामले में गाड़ी का शीशा तोड़कर मारपीट करने का भी आरोप है।
लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि हायाघाट थाना के बघवा निवासी प्रमोद यादव, पंकज यादव, सुजीत यादव और कोठरा निवासी रामशंकर यादव की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। अब जमानत पाने के लिए इन सभी आरोपियों को पटना उच्च न्यायालय में अर्जी देनी होगी।
दरभंगा सिविल कोर्ट के इन कड़े फैसलों से यह स्पष्ट हो गया है कि आपराधिक मामलों में अदालत कोई ढिलाई नहीं बरतेगी। यह न्यायिक कार्रवाई अपराधियों के हौसले पस्त करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






