Bihar Teacher Training: बिहार के केवटी और गौड़ाबौराम प्रखंड के 200 शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए माधोपट्टी स्थित बाइट संस्थान में पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू हो गया है। सोमवार से 14 अगस्त तक चलने वाले इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के व्यावसायिक कौशल, कार्यक्षमता और शिक्षण दक्षता को बढ़ाना है। यह पहल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक शिक्षण विधियों से परिचित कराया जाएगा। कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने के तरीकों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्घाटन अध्यापक अभ्युदय कुमार, रिंकू कुमारी, एडमिन ऐश्वर्या और प्रशिक्षु शिक्षक प्रशान्त कुमार झा व साक्षी कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

क्यों जरूरी है शिक्षकों का कौशल विकास?
उद्घाटन सत्र में प्रशिक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए अध्यापक अभ्युदय कुमार ने बताया कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में शिक्षकों का निरंतर कौशल वर्धन बेहद आवश्यक है। उनका कहना था कि नई शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी संसाधनों के अनुरूप शिक्षकों को खुद को तैयार करना होगा।
अध्यापक अभ्युदय कुमार ने कहा, ‘बदलते शैक्षणिक परिवेश, नई शिक्षण पद्धतियों और तकनीकी संसाधनों के अनुरूप शिक्षकों का निरंतर कौशल वर्धन जरूरी है, ताकि वे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर सकें।’
यह प्रशिक्षण शिक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। इससे वे छात्रों को बेहतर तरीके से पढ़ा पाएंगे।
किन विषयों पर मिलेगा विशेष प्रशिक्षण?
इस आवासीय प्रशिक्षण में कई महत्वपूर्ण विषयों पर सैद्धांतिक और व्यवहारिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें नई शिक्षा नीति (NEP), एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी), गतिविधि आधारित शिक्षण, समावेशी शिक्षा, बाल मनोविज्ञान और सूचना तकनीक जैसे विषय शामिल हैं।
शिक्षकों को समूह कार्य, प्रस्तुतीकरण और कक्षा अभ्यास के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण की सफलता के लिए समयबद्धता, अनुशासन और सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया है। अमोल चन्द्र झा, अरुण कुमार चौधरी, काजल कुमारी, कविता कुमारी, सीमा अफरोज और वसी आलम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं इस मौके पर मौजूद थे।
सभी प्रतिभागियों में प्रशिक्षण को लेकर काफी उत्साह देखा गया। उन्होंने इसे अपने शिक्षण कौशल को निखारने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है। यह प्रशिक्षण निश्चित रूप से राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने में सहायक होगा।







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