JPSC Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच, CID ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगते को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब रांची में हजारों छात्र JPSC और JSSC परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा मार्च कर रहे थे।
अपराध अनुसंधान विभाग (CID) एल. खियांगते से कई दिनों से लगातार पूछताछ कर रहा था। जांच के दौरान परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न सवालों पर उनसे गहन पूछताछ की गई। इससे पहले, CID ने उनके खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाते हुए उनके आवास और अन्य ठिकानों से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की थी।






JPSC Scam: 2 करोड़ रुपये के कथित सौदे का आरोप
CID जांच से जुड़ी हालिया रिपोर्टों में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से संबंधित काम देने के बदले कथित तौर पर दो करोड़ रुपये के सौदे की मांग की थी। यह आरोप परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी के एक मैनेजर के बयान के आधार पर सामने आया है। रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि इस कथित सौदे में कुल बिलिंग पर कमीशन की बात सामने आई थी। CID इन आरोपों की गहराई से जांच कर रही है, हालांकि इनकी अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
CID जांच से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते ने परीक्षा से संबंधित काम देने के बदले कथित तौर पर दो करोड़ रुपये के सौदे की मांग की थी। यह आरोप परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी के एक मैनेजर के बयान पर आधारित है।
JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने कई लोगों से पूछताछ और गिरफ्तारियां की हैं। जांच के दौरान परीक्षा संचालन, एजेंसी की भूमिका और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बीच हुई गिरफ्तारी से हड़कंप
एल. खियांगते की गिरफ्तारी ऐसे दिन हुई है जब रांची में JPSC और JSSC से जुड़े छात्र बड़े स्तर पर विधानसभा मार्च कर रहे हैं। छात्रों की प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, JSSC CGL को लेकर उठे सवालों का समाधान और परीक्षा व्यवस्था में सुधार शामिल हैं। छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। छात्रों ने कई बैरिकेड पार किए, जिसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। ऐसे में JPSC के पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी को जांच में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब CID की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और मामले में और कौन-कौन लोग जांच के दायरे में आते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।
JPSC धांधली की जांच में कई कड़ियां जोड़ने की कोशिश
JPSC धांधली मामले की जांच में CID परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और बाहरी एजेंसियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं कैसे हुईं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। CID ने पहले कई संदिग्धों से पूछताछ की है और कुछ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। गिरफ्तारी का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है।








