Jharkhand Exam Irregularities: सोमवार, 10 अगस्त को रांची में हुए विधानसभा घेराव के दौरान प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन को एक नया मोड़ मिला। बॉलीवुड अभिनेता के चर्चित किरदार ‘पुष्पा राज’ के अंदाज़ में वायरल ‘पुष्पा भाऊ’ छात्रों के समर्थन में आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उनकी उपस्थिति और जोशीले बयानों ने छात्रों में नया उत्साह भर दिया। झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक होने की घटनाओं से पनपी निराशा के बीच ‘पुष्पा भाऊ’ का यह कदम काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘पुष्पा भाऊ’ ने छात्रों की मांगों का पुरजोर समर्थन करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छात्रों का लंबे समय से चल रहा आंदोलन देखकर वे काफी आहत हुए हैं, और इसी वजह से वे उनके समर्थन में रांची पहुंचे हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनका समाधान करने की अपील की।






पेपर लीक से बर्बाद हो रहा छात्रों का भविष्य
आंदोलनकारी छात्रों के बीच ‘पुष्पा भाऊ’ ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को ‘बेहद गंभीर विषय’ बताया। उन्होंने कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और सामान्य परिवारों से आने वाले छात्रों पर पड़ता है। आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के पास पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन होते हैं, लेकिन गरीब और मध्यमवर्गीय छात्र अपनी मेहनत और उम्मीद के सहारे तैयारी करते हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाने या प्रक्रिया में गड़बड़ी की खबरों से उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। ‘पुष्पा भाऊ’ ने स्पष्ट किया कि ऐसी बार-बार होने वाली घटनाओं से झारखंड के युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों को परीक्षा की तैयारी में अपना समय, पैसा और कई वर्षों की मेहनत लगानी पड़ती है, लेकिन परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने से उनके भीतर निराशा और असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
“झारखंड के छात्रों को नेशनल खिलाड़ी समझा है क्या, ये इंटरनेशनल खिलाड़ी हैं। झारखंड का छात्र झुकेगा नहीं।”
शिक्षा के समान अवसर: पुष्पा भाऊ की सरकार से मांग
‘पुष्पा भाऊ’ ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अमीर हो या गरीब, सभी का खून और शरीर एक समान है, इसलिए शिक्षा और रोजगार के अवसर भी सभी के लिए समान होने चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। उन्होंने बताया कि गरीब परिवारों के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं को अपने भविष्य को बदलने का सबसे बड़ा माध्यम मानते हैं, ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है।
उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए कुछ प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां आपत्तिजनक भाषा और अश्लील टिप्पणियां सामने आने की बातें कही गई थीं, लेकिन रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच वैसा माहौल देखने को नहीं मिला। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही बातों की तुलना में रांची के आंदोलन की वास्तविक तस्वीर को सामने रखा।
“कान के नीचे रपारप-रपा रप देने से तानाशाही खत्म हो जाएगी और तभी सिस्टम में सुधार होगा।”
अपने खास अंदाज में छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए ‘पुष्पा भाऊ’ ने कहा, “झुकेगा नहीं झारखंड का छात्र।” उनके इस बयान और अंदाज पर आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों में जबरदस्त जोश देखने को मिला। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी इस आंदोलन में ‘पुष्पा भाऊ’ की मौजूदगी और उनके बयानों ने प्रदर्शन स्थल पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, और अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है।








