Bihar Railway Line: बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पूर्व मध्य रेलवे (ईसीआर) DDU-पटना-झाझा रेल मार्ग पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की तैयारी कर रहा है। इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की भीड़भाड़ को कम करना और यात्रा में होने वाली देरी को खत्म करना है। इस महीने दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से दानापुर तक 227 किलोमीटर लंबे खंड को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।
ईसीआर ने इस परियोजना के लिए रेलवे बोर्ड को फंड जारी करने का प्रस्ताव भेजा है, और अधिकारियों के अनुसार, अगले सप्ताह तक केंद्रीय कैबिनेट से इसे हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। इस प्रस्तावित विस्तार से पटना, बक्सर और आरा के लगभग 7 लाख यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि यह मौजूदा रेल नेटवर्क पर भीड़ के कारण होने वाली देरी को काफी हद तक कम करेगा।
बिहार में 17 हजार करोड़ की लागत से बिछेंगी 400 KM नई रेल लाइनें
एक व्यापक योजना के तहत, DDU से पटना होते हुए झाझा तक लगभग 400 किलोमीटर तीसरी और चौथी रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर अनुमानित 17,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन अतिरिक्त पटरियों से मौजूदा नेटवर्क पर यातायात का दबाव कम होगा और 50 से अधिक नई ट्रेनों को चलाने की क्षमता विकसित होगी। पटना जंक्शन, दानापुर, राजेंद्र नगर टर्मिनल और पटना सिटी स्टेशनों का उपयोग करने वाले दैनिक यात्रियों को कम प्रतीक्षा समय और तेज यात्रा का लाभ मिलेगा।
दानापुर-फतुहा खंड को मिली मंजूरी
रेलवे बोर्ड पहले ही दानापुर-फतुहा खंड पर लगभग 29 किलोमीटर तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण को मंजूरी दे चुका है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 976 करोड़ रुपये है। निर्माण एजेंसी के चयन के लिए दिसंबर तक टेंडर जारी होने की उम्मीद है। इस मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के पूरा होने से पटना के रेल नेटवर्क की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा, भीड़ कम होगी और ट्रेनों को कम देरी के साथ तेज गति से चलने में मदद मिलेगी।
बख्तियारपुर और फतुहा के बीच नई रेल लाइन
बख्तियारपुर और फतुहा के बीच 24 किलोमीटर नई रेलवे लाइन की भी योजना बनाई गई है, जिस पर लगभग 931 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना के लिए 6.6 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। पूर्व मध्य रेलवे जल्द ही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करेगा, जबकि निर्माण कार्य के लिए टेंडर अक्टूबर में जारी होने की उम्मीद है।
बख्तियारपुर-पंडरक लाइन का भी होगा विस्तार
इसके अतिरिक्त, बख्तियारपुर और पंडरक के बीच 30 किलोमीटर नई रेलवे लाइन की योजना है, जिसकी अनुमानित लागत 392 करोड़ रुपये है। इस परियोजना के लिए एक हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य को मंजूरी मिल गई है। इन सभी प्रस्तावित परियोजनाओं का लक्ष्य बिहार में रेल क्षमता का विस्तार करना, प्रमुख मार्गों पर भीड़भाड़ कम करना और यात्री तथा लंबी दूरी की ट्रेनों की समयबद्धता और गति में सुधार करना है।







