Bihar Migrant Workers: बिहार सरकार ने राज्य के प्रवासी मजदूरों के लिए बेंगलुरु में एक नया सुविधा केंद्र स्थापित किया है। इस केंद्र का उद्देश्य कर्नाटक में काम करने वाले बिहारी श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच बनाने, पंजीकरण सेवाओं का लाभ उठाने और उनके अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करना है। बुधवार को पटना से बिहार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी मजदूर कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने इस केंद्र का ऑनलाइन उद्घाटन किया। यह सुविधा श्रम संसाधन एवं प्रवासी मजदूर कल्याण विभाग द्वारा कर्नाटक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के समन्वय से स्थापित की गई है।
कैसे मिलेगी श्रमिकों को मदद?
यह केंद्र बिहार के प्रवासी श्रमिकों को कर्नाटक भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराने में सहायता करेगा। इससे पात्र श्रमिक बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह सुविधा बिहार और कर्नाटक के श्रम विभागों के बीच समन्वय बिंदु के रूप में कार्य करेगी और श्रमिकों को उनके रोजगार स्थल पर सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में मदद करेगी। कर्नाटक बोर्ड ने बेंगलुरु के सुरक्षा भवन में इस केंद्र के लिए जगह उपलब्ध कराई है।
कार्यस्थल की समस्याओं और कानूनी अधिकारों में सहायता
यह सुविधा श्रमिकों को कार्यस्थल विवादों, स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी चिंताओं तथा आपातकालीन स्थितियों से निपटने में भी सहायता करेगी। विभाग के अनुसार, श्रमिकों को वेतन संबंधी मामलों, श्रम कानूनों और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी मिलेगी। कानूनी सहायता भी उपलब्ध होगी ताकि श्रमिक अपनी शिकायतों से संबंधित प्रक्रियाओं को समझ सकें। यह केंद्र भाषा संबंधी बाधाओं के कारण प्रवासी श्रमिकों को होने वाली संचार कठिनाइयों को दूर करने में भी मदद करेगा। श्रम संसाधन विभाग के अनुसार, यह रोजगार के अवसरों और सरकारी सेवाओं के बारे में जानकारी प्रदान करेगा।
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार के प्रवासी श्रमिक राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और उन्हें अपने कार्यस्थलों पर कल्याणकारी सेवाओं तक पहुंच की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु केंद्र की स्थापना कर्नाटक में बिहारी श्रमिकों के सामने आने वाली समस्याओं को हल करने और सरकारी योजनाओं को उनके लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए की गई है। मंत्री ने कहा कि यह पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में शुरू की गई है और इसका उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा, सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करना है।
भविष्य में और केंद्रों की संभावना
बिहार सरकार का श्रम संसाधन विभाग अन्य राज्यों में भी इसी तरह के सुविधा केंद्र स्थापित करने पर विचार कर रहा है, जहां बिहार से बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि विस्तार प्रवासी श्रमिकों की जरूरतों पर निर्भर करेगा और इसका उद्देश्य बिहार के बाहर सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच बनाना होगा। बेंगलुरु केंद्र का उद्देश्य प्रवासी श्रमिकों और सरकारी विभागों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना है, विशेष रूप से उन श्रमिकों के लिए जो पंजीकरण, कल्याणकारी लाभ, कार्यस्थल संबंधी चिंताओं और कानूनी अधिकारों के लिए सहायता चाहते हैं।








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