Tejashwi Yadav: बिहार की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। रजक ने तेजस्वी को कानून-व्यवस्था, पुलिस फायरिंग और राज्य के खजाने को लेकर दिए गए बयानों पर जमकर घेरा।
तेजस्वी यादव ने हाल ही में बिहार में छात्रों पर AK-47 से गोली चलाए जाने का आरोप लगाते हुए विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश की थी। इस पर पलटवार करते हुए श्याम रजक ने कहा कि सरकार ने मामले में तत्काल कार्रवाई की है और संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित भी कर दिया गया है। उन्होंने तेजस्वी यादव को सलाह दी कि वे बिहार की राजनीति पर ध्यान देने के बजाय यूरोप घूमने जाएं। रजक ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी को पहले अपने घर और पार्टी के मामलों को संभालना चाहिए, फिर सरकार पर आरोप लगाने चाहिए।
तेजस्वी पर क्यों भड़के श्याम रजक?
श्याम रजक ने तेजस्वी यादव की रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में जब भी कोई मामला सामने आता है, सरकार उस पर तुरंत संज्ञान लेती है। AK-47 से गोली चलाने के आरोप पर भी त्वरित कार्रवाई हुई और संबंधित सिपाही को निलंबित किया गया। उन्होंने तेजस्वी को अन्य मुद्दों को उठाने से पहले अपनी पार्टी और परिवार पर ध्यान देने की नसीहत दी।
रजक ने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के 10 हजार युवाओं को रोजगार देने के दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की बातों को ज्यादा महत्व देने की आवश्यकता नहीं है। रजक ने व्यंग्य करते हुए कहा कि प्रशांत किशोर संभवतः अपनी कंपनी चलाने के लिए ही युवाओं को नौकरी देने की बात कर रहे होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता ने जो फैसला दिया है, उसे स्वीकार किया गया है और भविष्य में भी जनता के निर्णय को स्वीकार किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों को मजिस्ट्रेट की शक्तियां: सरकार का तर्क
बिहार में पुलिस अधिकारियों को मजिस्ट्रेट की शक्तियां दिए जाने के सरकार के फैसले का श्याम रजक ने समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगा। उनके अनुसार, सरकार का मुख्य उद्देश्य अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाना है।
विपक्ष द्वारा इस फैसले पर सवाल उठाए जाने पर रजक ने कहा कि कानून का पालन करने वालों को किसी भी बात से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई गलती करेगा तो उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी। रजक ने दोहराया कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर है, यही कारण है कि पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार दिए गए हैं।
शराबबंदी कानून पर सरकार का स्पष्ट रुख
शराबबंदी कानून को लेकर भी श्याम रजक ने विपक्ष पर पलटवार किया। विपक्ष द्वारा कानून के प्रभावी नहीं होने के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। रजक ने साफ कहा कि शराबबंदी कानून खत्म नहीं होगा और यदि व्यवस्था में कोई कमी है, तो उसमें सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून का विरोध करने वालों की अपनी अलग चिंताएं हैं। रजक ने कहा कि कानून को लेकर सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है: शराबबंदी बिहार में जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार व्यवस्था में बदलाव किए जा सकते हैं।
तेजस्वी यादव ने यह भी आरोप लगाया था कि बिहार का खजाना खाली है और कर्मचारियों को पांच-छह महीने बाद वेतन मिलता है। श्याम रजक ने इस दावे को पूरी तरह से गलत बताया। उन्होंने चुनौती दी कि यदि तेजस्वी यादव के पास इसका कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए।
रजक ने कहा कि विभिन्न विभागों और कर्मचारियों के बैंक रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है, जिससे यह पता चल जाएगा कि वेतन कितने समय पर मिला। उन्होंने दावा किया कि बिहार में कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया जा रहा है और तेजस्वी यादव बिना किसी प्रमाण के आरोप लगा रहे हैं।
यह जुबानी जंग दर्शाती है कि बिहार की राजनीति में आने वाले समय में कानून-व्यवस्था, सरकारी नीतियों और वित्तीय प्रबंधन जैसे मुद्दों पर तीखी बहस जारी रहेगी। दोनों प्रमुख दल एक दूसरे पर हमलावर रुख अपनाए हुए हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।







