Bihar Universities: राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कुलपतियों को एंटी-रैगिंग और एंटी-बुलीइंग सेल को प्रभावी ढंग से कार्यशील रखने का आदेश दिया। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्र स्थापित करने और छात्रों की चिंताओं को तुरंत दूर करने के लिए उनसे नियमित संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया।
शुक्रवार को बिहार लोक भवन में जयप्रकाश विश्वविद्यालय, छपरा की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक के दौरान ये महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करना होना चाहिए। उन्होंने कुलपतियों को एंटी-रैगिंग और एंटी-बुलीइंग सेल को सक्रिय रखने और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भयमुक्त परिसर और नियमित संवाद पर जोर
कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों को छात्रों के साथ नियमित बातचीत बनाए रखनी चाहिए और उनकी शैक्षणिक तथा अन्य चिंताओं को प्रभावी ढंग से हल करने के लिए तंत्र स्थापित करना चाहिए। यह कदम छात्रों के बीच विश्वास पैदा करेगा और उन्हें अपनी समस्याओं को खुलकर साझा करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इस पहल से बिहार के उच्च शिक्षा संस्थानों में एक सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
पुस्तकालयों को सुदृढ़ करने के निर्देश और वेतन भुगतान
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के पुस्तकालयों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि ई-पुस्तकों के अलावा, छात्रों के लिए पर्याप्त संख्या में भौतिक पुस्तकें भी उपलब्ध होनी चाहिए। उनका कहना था कि पुस्तकालयों को शिक्षण, सीखने और अनुसंधान का समर्थन करने के लिए अधिक उपयोगी और बेहतर संसाधनों से लैस किया जाना चाहिए। बैठक में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के समय पर भुगतान पर भी चर्चा हुई। हसनैन ने विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि छात्रों को उनकी डिग्रियां समय पर मिलें।
जयप्रकाश विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रणालियों की समीक्षा
जयप्रकाश विश्वविद्यालय की समीक्षा के दौरान, कुलपति प्रोफेसर परमेंद्र कुमार बाजपेयी ने संस्थान के मानव संसाधनों, बुनियादी ढांचे, केंद्रीय पुस्तकालय, अध्ययन केंद्रों, अनुसंधान और विकास गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। बैठक में छात्र प्लेसमेंट, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल सिस्टम और ई-गवर्नेंस की भी जांच की गई। अधिकारियों ने समर्थ पोर्टल के प्रभावी उपयोग और लाइब्रेरियन, सहायक लाइब्रेरियन तथा पुस्तकालय सहायकों की भर्ती पर भी विचार-विमर्श किया। विश्वविद्यालय की खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, एनएसएस, एनसीसी और ‘हैप्पीनेस इंडेक्स’ से संबंधित गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। इस बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।







