Bihar Aadhaar: बिहार के ग्रामीण इलाकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब राज्य के लोगों को आधार कार्ड बनवाने या उसमें कोई भी अपडेट कराने के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने सभी 8053 पंचायतों में आधार सेवा केंद्र शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है, जिससे गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध होगी। पंचायती राज विभाग और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के बीच जल्द ही इस संबंध में करार होने की उम्मीद है।
इस नई व्यवस्था के तहत, प्रत्येक पंचायत सरकार भवन में आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर न केवल नया आधार बनवाया जा सकेगा, बल्कि उसमें आवश्यक सुधार भी कराए जा सकेंगे। इसके अलावा, ग्रामीणों को कई अन्य सरकारी और नागरिक सेवाएं भी एक ही छत के नीचे मिलेंगी, जिससे छोटे-छोटे कामों के लिए दूर जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी।
पंचायत भवन में मिलेंगी 64 तरह की सुविधाएं
पंचायती राज विभाग और CSC के बीच प्रस्तावित करार का मसौदा तैयार हो चुका है। विभाग कंप्यूटर और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराएगा, जबकि केंद्र का संचालन CSC के कर्मचारी करेंगे। इन कर्मचारियों का मानदेय CSC द्वारा ही दिया जाएगा। आधार सेवा केंद्र चलाने के लिए UIDAI से CSC को आवश्यक लाइसेंस मिल चुका है और केंद्र स्तर से भी अनुमति प्राप्त हो गई है।
सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक ही सरकारी और डिजिटल सेवाएं मिल सकें। इससे लोगों का समय और आने-जाने का खर्च दोनों बचेगा। इन केंद्रों पर आधार से जुड़े काम के अलावा कुल 64 तरह की नागरिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
नया आधार बनवाने के लिए 75 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं, जाति, आय और आवास प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित करीब 21 तरह की सेवाओं के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित शुल्क से ज्यादा पैसे मांगता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आय का बंटवारा और अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं
आधार सेवा केंद्र से होने वाली आय का बंटवारा भी तय हो गया है। केंद्र से मिलने वाली राशि का 80 फीसदी हिस्सा CSC को मिलेगा, जबकि 20 फीसदी राशि पंचायती राज विभाग को दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन केंद्रों पर काम करने वाले कर्मचारी पंचायती राज विभाग के कर्मचारी नहीं माने जाएंगे।
आधार से जुड़ी सेवाओं के अतिरिक्त, ग्रामीण इन केंद्रों पर कई अन्य महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे:
- प्रमाण पत्र: जाति, आय, आवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन।
- सरकारी योजनाएं: पेंशन, राशन कार्ड, छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना संबंधी कार्य।
- राजस्व एवं भूमि: दाखिल-खारिज, जमाबंदी, एलपीसी और लगान भुगतान।
- वित्तीय सेवाएं: पैन कार्ड, पासबुक अपडेट, बैंकिंग (लोन, माइक्रो क्रेडिट), बीमा सेवाएं।
- यूटिलिटी बिल: बिजली और पानी के बिल का भुगतान।
- यात्रा बुकिंग: रेल, बस और हवाई टिकट बुकिंग।
- अन्य: कृषि से जुड़ी सेवाएं।
यह पहल ग्रामीण बिहार में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और सरकारी कार्यों को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद, पंचायत सरकार भवन ही ग्रामीणों के लिए कई जरूरी सेवाओं का केंद्र बन जाएगा।








