Bihar Drowning Tragedy: पटना के बख्तियारपुर में सोमवार सुबह गंगा नदी में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रानीसराय जहाजी घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार की सात बच्चियां तेज धारा की चपेट में आ गईं। इस भीषण Bihar Drowning Tragedy में तीन बच्चियों की मौत हो गई है, जबकि एक बच्ची अभी भी लापता है। स्थानीय लोगों ने तीन बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन चार बच्चियां गंगा की लहरों में समा गईं।
जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ। सभी बच्चियां चंद्रवंशी परिवार की थीं, जिनमें 21 वर्षीय आरती और 16 वर्षीय नंदनी सगी बहनें थीं, जबकि 15 वर्षीय राधिका और 12 वर्षीय स्मिता उनकी चचेरी बहनें थीं। ये सभी सोमवारी स्नान के लिए गंगा घाट पर पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि एक बच्ची गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के प्रयास में एक-एक कर अन्य बच्चियां भी पानी में उतरती चली गईं और सभी तेज धारा की चपेट में आ गईं।
पटना में गंगा ने निगली 4 बेटियां, बालू माफिया पर फूटा गुस्सा; परिवार में मातम!
Patna Ganga Drowning: पटना में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां बख्तियारपुर के रानीसराय जहाजी घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार की चार बच्चियां तेज धारा में बह गईं। इस भयावह घटना में तीन बच्चियों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक की तलाश अब भी जारी है। स्थानीय विधायक अरुण कुमार साह ने इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर अवैध बालू खनन को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे इलाके में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी फैल गया है।
एक ही परिवार पर टूटा कहर: सोमवारी स्नान बना काल
यह हृदय विदारक घटना सोमवार सुबह करीब 7 बजे की है। जानकारी के अनुसार, सभी बच्चियां एक ही परिवार की थीं, जिनमें अवधेश चंद्रवंशी की 21 वर्षीय पुत्री आरती और 16 वर्षीय पुत्री नंदनी, कमलेश चंद्रवंशी की 15 वर्षीय पुत्री राधिका, तथा मंटू चंद्रवंशी की 12 वर्षीय पुत्री स्मिता शामिल हैं। सोमवारी स्नान के लिए गंगा घाट पर पहुंचीं ये बच्चियां एक-एक कर गहरे पानी में चली गईं। एक बच्ची को डूबता देख, उसे बचाने के प्रयास में अन्य भी तेज धारा की चपेट में आ गईं।
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीन बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता पाई, लेकिन आरती, नंदनी, राधिका और स्मिता गंगा की तेज लहरों में समा गईं। हादसे की खबर मिलते ही रानीसराय घाट पर ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में मातम पसर गया।
बचाव अभियान में देरी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, सड़क जाम
हादसे के बाद एसडीआरएफ (SDRF) टीम को बुलाने में हुई देरी से ग्रामीण आक्रोशित हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू करने की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया, जिससे लगभग 20 मिनट तक आवागमन बाधित रहा। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर जाम हटवाया। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान तेज किया। हालांकि, नदी की तेज धारा और अत्यधिक गहराई के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई आ रही है। तीन शवों के मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं एक बच्ची की तलाश अभी भी जारी है। विधायक अरुण कुमार साह भी घटना स्थल पर पहुंचे।
बालू खनन को लेकर विधायक का बड़ा बयान, प्रशासन पर सवाल
स्थानीय विधायक अरुण कुमार साह ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने रानीसराय घाट के पास हो रहे अवैध बालू खनन को सीधे तौर पर इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया। विधायक ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा:
‘रिहायशी क्षेत्र में खनन और बालू भंडारण पर तत्काल रोक लगनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। बालू की कमाई के चक्कर में एक परिवार तबाह हो गया।’
इस घटना ने एक बार फिर अवैध बालू खनन के मुद्दे को गरमा दिया है। ग्रामीण और स्थानीय नेता प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि रिहायशी इलाकों के पास होने वाले बालू खनन पर तत्काल और स्थायी रोक लगाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके। प्रशासन राहत और खोज अभियान के साथ-साथ इस मामले की जांच में भी जुट गया है।
मासूमों को बचाने की कोशिश में गहराया हादसा
स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तीन बच्चियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, अवधेश चंद्रवंशी की पुत्रियां आरती और नंदनी, कमलेश चंद्रवंशी की पुत्री राधिका, और मंटू चंद्रवंशी की पुत्री स्मिता गहरे पानी में बह गईं। हादसे की खबर मिलते ही रानीसराय घाट पर ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई। पूरे चंद्रवंशी परिवार में कोहराम मच गया है।
ग्रामीणों का आक्रोश: सड़क जाम और बचाव अभियान में देरी
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ (SDRF) टीम को बुलाने में हुई देरी से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब 20 मिनट तक आवागमन बाधित रहा। ग्रामीण तत्काल बचाव कार्य शुरू करने की मांग कर रहे थे। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद जाम हटाया गया और एसडीआरएफ ने अपना तलाशी अभियान तेज किया। नदी की तेज धारा और गहराई के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। एसडीआरएफ टीम ने लगातार तलाशी अभियान चलाकर तीन बच्चियों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि एक बच्ची की तलाश अभी भी जारी है।
पटना में बालू खनन पर उठे सवाल, विधायक ने मांगा जवाब
इस हृदयविदारक Bihar Drowning Tragedy की खबर सुनकर स्थानीय विधायक अरुण कुमार साह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और रानीसराय घाट के पास हो रहे अवैध बालू खनन को इस घटना का मुख्य जिम्मेदार बताया।
विधायक अरुण कुमार साह ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए रानीसराय घाट के पास हो रहे बालू खनन को इस घटना का मुख्य जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, ‘रिहायशी क्षेत्र में खनन और बालू भंडारण पर तत्काल रोक लगनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। बालू की कमाई के चक्कर में एक परिवार तबाह हो गया है।’
विधायक ने प्रशासन से इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन लापता बच्ची की तलाश में जुटा है, वहीं यह हादसा बिहार में बालू खनन से जुड़े गंभीर नियमों की अनदेखी पर फिर सवाल खड़े कर गया है।





