Bihar PM Surya Ghar Yojana: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में चल रहीं प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और विशेष राशन कार्ड अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, लंबित मामलों को तुरंत निपटाने और खराब प्रदर्शन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
बिहार के मुख्य सचिव हुए सख्त! राशन कार्ड और सोलर योजना पर लिया बड़ा फैसला, लाखों को मिलेगा फायदा
Bihar PM Surya Ghar Yojana: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की विशेष राशन कार्ड अभियान और ऊर्जा विभाग की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की प्रगति का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने, लंबित मामलों का त्वरित निपटारा करने और खराब प्रदर्शन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए।
राशन कार्ड अभियान के तहत अब तक राज्यभर से 13,93,704 ऑफलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से जांच के बाद 11,83,792 आवेदन पात्र पाए गए हैं। 17 अगस्त 2026 तक 4,13,079 आवेदनों की डेटा एंट्री पूरी हो चुकी है, जो कुल पात्र आवेदनों का लगभग 35 प्रतिशत है। डेटा एंट्री के मामले में जहानाबाद, दरभंगा, अरवल और बांका जैसे जिले आगे हैं।
राशन कार्ड अभियान: लाखों आवेदनों की स्थिति और निर्देश
समीक्षा बैठक में बताया गया कि 13,292 आवेदनों को e-KYC के लिए सक्षम किया गया है, जिनमें से 1,569 का e-KYC पूरा हो चुका है। एसडीओ लॉगिन के माध्यम से अब तक कुल 6,826 राशन कार्ड जारी किए गए हैं। सहरसा जिले ने इनमें से सर्वाधिक 2,124 कार्ड जारी किए हैं। मुख्य सचिव ने लंबित e-KYC प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने और पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द राशन कार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
‘पीएम सूर्य घर’ योजना: सब्सिडी, लक्ष्य और प्रगति
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान, Bihar में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। 12 अगस्त 2026 को बिहार कैबिनेट ने योजना के तहत 10,000 रुपये प्रति किलोवाट की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी थी। इसकी अधिकतम सीमा प्रति लाभार्थी 20,000 रुपये निर्धारित की गई है। केंद्र की CFA सब्सिडी के साथ मिलाकर, 1 किलोवाट पर कुल 40,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 80,000 रुपये और 3 किलोवाट पर 98,000 रुपये तक की कुल सब्सिडी का प्रावधान है।
यह लाभ ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 5 लाख लाभार्थियों को देने का लक्ष्य रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर राज्य सरकार की ओर से 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी जिलों के लिए कुल 5 लाख सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन का अनंतिम लक्ष्य तय कर फील्ड टीमों को भेजा गया है। इसमें पटना के लिए 28,000, पूर्वी चंपारण के लिए 24,000 और मुजफ्फरपुर के लिए 23,000 का लक्ष्य निर्धारित है।
10 से 16 अगस्त के दौरान राज्य में 14,079 सोलर स्ट्रक्चर और 6,690 सोलर पैनल लगाए गए। इसके साथ ही अब तक कुल 35,879 स्ट्रक्चर और 14,656 पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। योजना के प्रचार के लिए पटना में झांकी, दरभंगा और गया में कार्यशालाएं, पूर्णिया में थिएटर और रेडियो विज्ञापन, जहानाबाद तथा नवादा में सोलर रथ यात्रा और विभिन्न जिलों में सोलर मेलों का आयोजन किया जा रहा है।
लापरवाही पर सख्त एक्शन: एजेंसी डिबार, नवंबर तक सामग्री आपूर्ति सुनिश्चित
बैठक में काम में लापरवाही और देरी को लेकर M/s Landsky Engineers Pvt. Ltd. के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी गई। मुख्य सचिव के निर्देश पर इस एजेंसी का LOA रद्द कर उसे डिबार कर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्होंने 7 दिनों से अधिक समय से लंबित 132 निरीक्षणों को तत्काल पूरा करने और औसत निरीक्षण समय को 14 दिनों से कम करने का भी निर्देश दिया। योजना के लिए सामग्री की स्थिति की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 12,407 स्ट्रक्चर और 17,610 पैनल इन्वेंट्री में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, 13,200 स्ट्रक्चर और 3,112 पैनल इन-ट्रांजिट हैं। एजेंसियों को नवंबर 2026 तक निर्धारित दैनिक लक्ष्य हासिल करने के लिए सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने आगामी समीक्षा बैठक में संबंधित सभी मुख्य अभियंताओं की व्यक्तिगत उपस्थिति भी अनिवार्य कर दी है, ताकि योजनाओं की प्रगति की सीधे समीक्षा हो सके और लंबित कार्यों में तेजी लाई जा सके।
राशन कार्ड आवेदन: लाखों पात्र, क्यों हो रही देरी?
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि विशेष अभियान के तहत बिहार में 13,93,704 ऑफलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। जांच के बाद इनमें से 11,83,792 आवेदन पात्र पाए गए हैं। हालांकि, 17 अगस्त 2026 तक केवल 4,13,079 आवेदनों की डेटा एंट्री पूरी हो पाई है, जो कुल पात्र आवेदनों का लगभग 35 प्रतिशत है। डेटा एंट्री के मामले में जहानाबाद, दरभंगा, अरवल और बांका जैसे जिले आगे चल रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, 13,292 आवेदनों को e-KYC के लिए सक्षम किया गया है, जिनमें से 1,569 का e-KYC पूरा हो चुका है। एसडीओ लॉगिन के माध्यम से अब तक कुल 6,826 राशन कार्ड जारी किए गए हैं, जिसमें सहरसा जिले ने सबसे अधिक 2,124 कार्ड जारी करके बेहतर प्रदर्शन किया है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने लंबित e-KYC प्रक्रिया को मिशन मोड में पूरा करने और पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द राशन कार्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
PM सूर्य घर योजना: अब मिलेगी ₹98,000 तक सब्सिडी, 5 लाख का लक्ष्य
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। 12 अगस्त 2026 को बिहार कैबिनेट ने इस योजना के तहत 10,000 रुपये प्रति किलोवाट की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी को मंजूरी दी थी, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति लाभार्थी 20,000 रुपये है। केंद्र की CFA सब्सिडी के साथ मिलकर, इस योजना में 1 किलोवाट पर कुल 40,000 रुपये, 2 किलोवाट पर 80,000 रुपये और 3 किलोवाट पर 98,000 रुपये तक की कुल सब्सिडी का प्रावधान है।
राज्य सरकार ने ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 5 लाख लाभार्थियों को यह लाभ देने का लक्ष्य रखा है, जिस पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सभी जिलों के लिए 5 लाख सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन का अनंतिम लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें पटना के लिए 28,000, पूर्वी चंपारण के लिए 24,000 और मुजफ्फरपुर के लिए 23,000 का लक्ष्य शामिल है। 10 से 16 अगस्त के दौरान राज्य में 14,079 सोलर स्ट्रक्चर और 6,690 सोलर पैनल लगाए गए। अब तक कुल 35,879 स्ट्रक्चर और 14,656 पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।
लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, नवंबर 2026 तक काम पूरा करने का आदेश
बैठक में काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर भी मुख्य सचिव ने कड़ा रुख अपनाया। M/s Landsky Engineers Pvt. Ltd. के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका LOA (लेटर ऑफ अवार्ड) रद्द कर दिया गया और उसे डिबार कर दिया गया है।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि काम में लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने 7 दिनों से अधिक समय से लंबित 132 निरीक्षणों को तत्काल पूरा करने और औसत निरीक्षण समय को 14 दिनों से कम करने का निर्देश दिया।
योजना के प्रचार के लिए पटना में झांकी, दरभंगा और गया में कार्यशालाएं, पूर्णिया में थिएटर और रेडियो विज्ञापन, जहानाबाद तथा नवादा में सोलर रथ यात्रा और विभिन्न जिलों में सोलर मेलों का आयोजन किया जा रहा है। वर्तमान में 12,407 स्ट्रक्चर और 17,610 पैनल इन्वेंट्री में उपलब्ध हैं, जबकि 13,200 स्ट्रक्चर और 3,112 पैनल इन-ट्रांजिट हैं। एजेंसियों को नवंबर 2026 तक निर्धारित दैनिक लक्ष्य हासिल करने के लिए सामग्री की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने आगामी समीक्षा बैठक में संबंधित सभी मुख्य अभियंताओं की व्यक्तिगत उपस्थिति भी अनिवार्य कर दी है ताकि योजनाओं की प्रगति की सीधे निगरानी की जा सके।







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