Ujjain Nagpanchami: मध्य प्रदेश के उज्जैन में नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के दुर्लभ संयोग पर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी लाखों की भीड़ के दबाव के कारण हरसिद्धि मंदिर के पास बनाए गए बैरिकेडिंग क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान बिहार के दरभंगा निवासी एक श्रद्धालु सहित कुल 13 भक्तों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिन्हें तुरंत उज्जैन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
17 अगस्त को हुई इस घटना में सागर (15 वर्ष, निवासी किसनपुरा), सजीव नोनू चौधरी (36 वर्ष, निवासी दरभंगा, बिहार), खुशी (20 वर्ष, निवासी बड़ा गणेश, ग्वालियर), हरीशचंद (26 वर्ष, निवासी वासना, गुजरात), तुलसी (15 वर्ष, निवासी गुजरात) और जय (12 वर्ष, निवासी गुजरात) सहित 13 श्रद्धालु बीमार पड़े। परिजनों और सुरक्षाकर्मियों की मदद से सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी भर्ती मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों भक्तों ने किए दर्शन
इस वर्ष नागपंचमी और सावन सोमवार का एक ही दिन पड़ना एक दुर्लभ संयोग माना जा रहा था, जिसके चलते उज्जैन के महाकाल और नागचंद्रेश्वर मंदिर परिसर में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। दोपहर तक लगभग 5.50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए, जबकि 2.60 लाख से अधिक भक्त बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके थे। महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर का मंदिर साल में केवल एक बार नागपंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खोला जाता है। इस बार मंदिर के पट रविवार रात 12 बजे खोले गए थे, जो सोमवार रात 10 बजे तक खुले रहेंगे।
प्रशासन ने संभाली कमान, सुरक्षा व्यवस्था हुई कड़ी
श्रद्धालुओं की विशाल संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे, लेकिन भीड़ के अप्रत्याशित दबाव ने स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया। घटना के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्र में यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि बाकी समय में दर्शन सुचारु रूप से चलते रहें और ऐसी कोई अप्रिय घटना दोबारा न हो।
अस्पताल में भर्ती सभी श्रद्धालुओं की स्थिति फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है। – डॉक्टरों का बयान






