Darbhanga Flood Preparation: सितंबर माह में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए दरभंगा प्रमंडल में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त श्री हिमांशु कुमार राय ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को पूरी तरह अलर्ट रहने और बाढ़ से बचाव के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों के अभियंताओं के साथ बैठक कर विस्तृत समीक्षा की।
यह महत्वपूर्ण बैठक 20 जुलाई 2026 को आयुक्त कार्यालय, दरभंगा प्रमंडल में आयोजित की गई। इसमें बाढ़ सुरक्षा, तटबंधों की स्थिति, नदी कटाव और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गहन चर्चा हुई। इसके साथ ही, नहर प्रणाली में किसानों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी आयुक्त ने विशेष ध्यान दिया।


तटबंधों की निगरानी और किसानों के लिए पानी पर जोर
आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने सभी संबंधित अभियंताओं को तटबंधों का नियमित निरीक्षण करने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रैन कट, चूहा बिल और अन्य संवेदनशील स्थलों की तुरंत जांच की जाए और आवश्यकतानुसार मरम्मत व सुदृढ़ीकरण का काम कराया जाए। तटबंधों की निगरानी के लिए पर्याप्त कर्मियों की प्रतिनियुक्ति करने और संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रखने का निर्देश भी दिया गया है। किसी भी तरह की क्षति या असामान्य स्थिति की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने निर्देश दिए हैं कि ‘मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार सितंबर माह में बाढ़ की संभावना को देखते हुए सभी स्तरों पर तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।’
बाढ़ की स्थिति में आम लोगों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक निर्देश दिए गए। इसमें पर्याप्त नावों की उपलब्धता और संवेदनशील स्थलों पर सैंड बैग की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था करने को कहा गया है।
वैकल्पिक पथ और सिंचाई व्यवस्था
आयुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि यदि बाढ़ के कारण किसी क्षेत्र का संपर्क मार्ग टूटता है, तो आम लोगों के आवागमन के लिए तत्काल वैकल्पिक पहुंच पथ की व्यवस्था की जाए। इसके लिए पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और आवश्यक सेवाओं की पहुंच बाधित न हो, इसके लिए पहले से ही संभावित संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर तैयारी रखने को कहा गया है।
बैठक में नहर प्रणाली के माध्यम से किसानों को मिल रहे पानी की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि किसानों की आवश्यकता के अनुसार नहरों में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाए, खासकर धान की फसल के लिए समय पर सिंचाई की सुविधा मिल सके। नहरों में पानी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया गया, ताकि किसानों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस बैठक में क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी आकाश ऐश्वर्य, सहायक निदेशक (योजना) प्रीति कुमारी के साथ दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिलों के जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता मौजूद रहे। ये निर्देश आने वाले समय में बाढ़ के संभावित प्रभाव को कम करने और कृषि कार्यों को सुचारु रखने में सहायक होंगे।







