Bihar Bureaucracy: मधुबनी में पुलिसकर्मियों द्वारा हिरासत में हत्या कर दिए गए रौशन यादव के परिजनों से मिले @तेजस्वी! सम्राट चौधरी की किताब में पुलिसकर्मियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की हत्या की माफी हो सकती है, तेजस्वी की किताब में नहीं! तेजस्वी की जब भी सरकार बनेगी, निरंकुश अत्याचार के एक एक मामले को खोला जाएगा, सबका हिसाब होगा!
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मधुबनी दौरे के दौरान बिहार की मौजूदा सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य में बेलगाम अफसरशाही और जन प्रतिनिधियों के महत्वहीन होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पर गंभीर दावे किए। तेजस्वी ने कहा कि बिहार में न तो किसी मंत्री की कोई कद्र है और न ही किसी जन प्रतिनिधि की बात सुनी जा रही है।
मधुबनी में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने जिला अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच फोन न उठाने के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में पूरी तरह से अफसरशाही हावी है, जिससे आम जनता और चुने हुए प्रतिनिधियों को परेशानी हो रही है। आरजेडी लंबे समय से बिहार में बढ़ती अफसरशाही को लेकर सवाल उठाती रही है।
बिहार में ‘अफसरशाही चरम पर’, मंत्रियों की भी नहीं सुनते अधिकारी
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि जब राज्य में लगातार हादसे और अपराध हो रहे हैं, तो कितने विधायक या सांसद पीड़ितों से मिलने जाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार में बिहार में अफसरशाही अपने चरम पर पहुंच गई है। यह स्थिति सीधे तौर पर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावित कर रही है, क्योंकि अधिकारी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों की भी नहीं सुन रहे हैं।
‘क्या आरोपी को जेल में मरवा दिया जाएगा?’ रौशन यादव मामले पर सवाल
पकरौली गांव निवासी रौशन यादव की मौत के मामले में वायरल वीडियो और आरजेडी नेताओं के उसके घर पहुंचने पर भी तेजस्वी यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए पूछा,
“क्या किसी आरोपी को जेल में ही मरवा दिया जाएगा?”
यह बयान न्यायिक प्रक्रिया और जेल प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर ऐसे मामलों में जहाँ किसी आरोपी की हिरासत में मृत्यु हो जाती है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर 7 हत्या के मामले दर्ज होने का दावा
विपक्ष द्वारा आरजेडी पर अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप पर तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर पलटवार किया। उन्होंने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पर ही हत्या के सात मामले दर्ज हैं। तेजस्वी ने इस आरोप के साथ सरकार की नैतिकता और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
“मुख्यमंत्री पर ही हत्या के सात मामले दर्ज हैं। जब बिहार का मुख्यमंत्री ही ऐसा हो तो वे क्या कर सकते हैं।”
तेजस्वी के इस बयान ने बिहार की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इस दावे से राज्य में राजनीतिक पारा और चढ़ने की संभावना है, जिसका सीधा असर आने वाले समय में देखने को मिल सकता है।








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