Bihar SBI: रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भले ही लोग डिजिटल पेमेंट के लिए यूपीआई का खूब इस्तेमाल कर रहे हों, लेकिन कैश का चलन अब भी बड़ी संख्या में है। ऐसे कैश इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए देश के सबसे बड़े बैंक, बिहार समेत पूरे देश में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने एक बड़ा झटका दिया है। बैंक ने 1 अक्टूबर, 2026 से मुफ्त कैश विड्रॉल यानी एटीएम से मुफ्त में पैसा निकालने की सुविधा को सीमित कर दिया है।
यदि आपका बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट है, तो आपको हर महीने सिर्फ चार ही मुफ्त निकासी मिलेंगी। चार बार एटीएम से पैसा निकालने के बाद, पांचवीं बार से आपको हर विड्रॉल पर 15 रुपये और उस पर जीएसटी (GST) का भुगतान करना होगा।


अब ATM से पैसे निकालना पड़ेगा महंगा
इस नए नियम के लागू होने के बाद, बिहार के साथ-साथ पूरे देश में भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों को एटीएम से पैसे निकालना महंगा पड़ेगा। हालांकि, डिजिटल लेनदेन जैसे यूपीआई (UPI), एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और ये पहले की तरह ही मुफ्त रहेंगे।
स्टेट बैंक ने अकाउंट होल्डर्स को जानकारी दी है कि ये बदलाव सभी अकाउंट होल्डर्स पर लागू नहीं होंगे, बल्कि सिर्फ बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खाते के लिए ही सर्विस चार्ज लागू होगा।
किन अकाउंट होल्डर्स पर लागू होंगे नए नियम?
यह बदलाव सभी खाताधारकों पर लागू नहीं होगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि ये नए सर्विस चार्ज केवल बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाते के लिए ही लागू होंगे। अगर आपका भी यह अकाउंट है, तो आप बैंक की ब्रांच से एक महीने में सिर्फ 4 बार मुफ्त निकासी कर सकते हैं। इससे ज्यादा बार की निकासी पर आपको बैंक को निर्धारित चार्ज देना होगा।
पहले क्या थे नियम?
भारतीय स्टेट बैंक की वेबसाइट के अनुसार, पहले भी महीने में चार निकासी मुफ्त थी, लेकिन इसमें एसबीआई एटीएम, दूसरे बैंक का एटीएम, ब्रांच से निकासी और माइक्रो एटीएम आदि सभी शामिल थे। सिर्फ डिजिटल ट्रांजैक्शन जैसे यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस जैसे माध्यमों को छोड़ा गया था। नए बदलाव के तहत, अब सिर्फ ‘ब्रांच चैनल’ से निकासी के लिए महीने के पहले चार ट्रांजैक्शन को ही मुफ्त किया गया है। इसका मतलब है कि एटीएम निकासी भी इस चार की सीमा में आएगी।







