Patna News: पटना में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर खतरे के निशान को पार कर गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग की सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 48.67 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (48.60 मीटर) से 7 सेंटीमीटर अधिक है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस स्थान पर जलस्तर में अब कमी का रुख देखा जा रहा है।
वहीं, दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर 49.56 मीटर था, जो खतरे के निशान (50.45 मीटर) से 89 सेंटीमीटर नीचे है। यहां भी जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। विभाग ने बताया है कि राजधानी के विभिन्न घाटों पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अन्य घाटों पर गंगा का जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा के अन्य प्रमुख घाटों पर जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है। हाथीदह में नदी का जलस्तर 41.51 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (41.76 मीटर) से 25 सेंटीमीटर कम है। मनेर में जलस्तर 50.81 मीटर था, जबकि यहां खतरे का निशान 52 मीटर है। बक्सर में भी गंगा का जलस्तर 58.56 मीटर रहा, जो खतरे के निशान (60.32 मीटर) से काफी नीचे है। गांधी घाट और दीघा घाट पर जलस्तर में कमी का रुझान देखा जा रहा है।
सोन और पुनपुन नदियों की स्थिति
सोन नदी का जलस्तर भी कोइलवर में खतरे के निशान से नीचे है। यहां जलस्तर 52.09 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 55.52 मीटर है। इंद्रपुरी में सोन का जलस्तर 102.45 मीटर और पालमेरगंज में 93.17 मीटर रहा, और इन दोनों स्थानों पर जलस्तर स्थिर बना हुआ है।
पुनपुन नदी की स्थिति थोड़ी चिंताजनक है। किंजर में पुनपुन का जलस्तर 64.93 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (65 मीटर) से सिर्फ 7 सेंटीमीटर कम है। महत्वपूर्ण बात यह है कि यहां जलस्तर में वृद्धि का रुझान देखा जा रहा है। श्रीपालपुर में पुनपुन का जलस्तर 49.54 मीटर था, जो खतरे के निशान (50.60 मीटर) से 1.06 मीटर नीचे है और यहां जलस्तर में कमी आ रही है।
बाढ़ सुरक्षात्मक ढांचों की निगरानी
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, पटना शहरी सुरक्षा दीवार के विभिन्न खंड, सोन नदी के किनारे की सुरक्षा दीवार, दानापुर वितरणी तटबंध और देवना व उसरी नालों के तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। विभाग इन सभी ढांचों और नदियों के जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा गया है और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। जैसे-जैसे नदियों के जलस्तर में बदलाव आएगा, उसके अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।







